फर्रुखाबाद। शहर को सुनियोजित व सुंदरीकरण के लिए बनाई गई महायोजना पर शासन की आपत्ति का फिर ब्रेक लग गया है। इससे अब मुख्यमंत्री की मुहर लगने का इंतजार और बढ़ गया है।
हीलाहवाली के चलते तैयारी में ही साढ़े तीन वर्ष बीत चुके हैं। इससे अब विकास कार्य कराने के लिए सात वर्ष भी नहीं बचे।
अमृत योजना के तहत शहर के सुंदरीकरण के लिए महायोजना 2021-31 प्रस्तावित है। राजस्थान की कंपनी ने सर्वे कर नक्शा बनाया। इस पर स्थानीय लोगों की 3771 आपत्तियां आईं। जून 2022 में बोर्ड की बैठक में इनका निस्तारण कर दिया गया था। इसके बाद हीलाहवाली चल रही है।
शासन से सख्ती होने के बाद जिला मुख्यालय से महायोजना तैयार कर मुख्यमंत्री की मुहर लगने से के लिए शासन को भेजी गई थी। इससे लोगों की उम्मीद बढ़ी कि अब शहर में जल्द ही महायोजना लागू होने के साथ विकास कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
फिलहाल महायोजना के प्रारूप का जब शासन स्तर पर अवलोकन किया गया तो कुछ बिंदुओं पर फिर सवाल उठाए गए।
इससे आपत्ति लगाकर शासन से महायोजना का प्रारूप फिर जिला मुख्यालय पर वापस भेज दिया गया। इससे महायोजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। 10 वर्ष के लिए प्रस्तावित शहर की महायोजना के हीलाहवाली के चलते साढ़े तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इस महोयाजना पर मुख्यमंत्री की कब तक मुहर लगती है और कब विकास कार्य शुरू होंगे, इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। फिलहाल विकास कार्य और सुंदरीकरण कराने के लिए छह वर्ष में कितने काम पूरे हो पाएंगे और महायोजना का कितना क्रियान्वयन होगा, यह तो समय ही बताएगा।