अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़कर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। शमसाबाद क्षेत्र के पांच गांवों में बाढ़ का पानी भरने से यहां रहने वाले सात हजार लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। अमृतपुर क्षेत्र के 15 गांवों के पास बाढ़ का पानी पहुंचने से ग्रामीण भयभीत हैं। अफसरों ने स्थलीय निरीक्षण कर लेखपालों को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण गुरुवार को जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में जारी बारिश से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बुधवार को 136.55 मीटर पर पहुंच गया है। यह चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से मात्र पांच सेंटीमीटर दूर है। बुधवार को नरौरा बांध से 72 हजार 172 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। उम्मीद है कि गुरुवार को गंगा चेतावनी बिंदु पार कर सकती है।
वहीं, बाढ़ का पानी गांवों की ओर बढ़ने लगा है। शमसाबाद के गांव अचानकपुर, कटरी तौफीक, प्रसादी की मड़ैया, पैलानी दक्षिण, समैचीपुर में बाढ़ का पानी भर गया है। गलियों और सड़क पर पानी भर जाने से ग्रामीणों को खेतों तक जाना मुश्किल हो रहा है।
गांव चितार चारों तरफ से पानी से घिरा है। गांव नगला सबोला और भगवानपुर के प्राथमिक विद्यालय के रास्ते पर घुटनों तक पानी है। गांव के लोगों का आवागमन बंद है। कायमगंज एसडीएम संजय सिंह ने लेखपालों को सतर्क किया है और किसी भी खतरे की संभावना पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
अमृतपुर क्षेत्र के गांव माखन नगला, जटपुरा, कहिलिहाई, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, जोगराजपुर, उदयपुर, रामपुर, लायलपुर, कुसुमापुर, कुबेरपुर, भाऊपुर चौरासी, कुतुलूपुर, करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर के पास व खेतों में पानी भर गया है। अमृतपुर के एसडीएम गौरव शुक्ला ने बाढ़ की सूचना पर गांव गौंटिया, लायलपुर, सबलपुर, इमादपुर, कुतुलूपुर का जायजा लिया है।
एसडीएम ने बताया कि अभी किसी गांव में पानी नहीं पहुंचा है। लेखपालों को क्षेत्र में रहकर बाढ़ पर नजर रखने और सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। करनपुर घाट में हो रही कटान को रोकने के लिए सिंचाई विभाग बल्ली लगाने का काम शुरू करेगा।
कांवड़ की दुकानों तक पहुंचा पानी
पांचाल घाट पर कांवड़ की दुकानें लगी हैं। जलस्तर बढ़ने से पानी इन दुकानों और गंगापुत्रों की झोपड़ी में भर गया। इससे गंगापुत्रों और दुकानदारों ने ऊंचे स्थानों पर अपना बसेरा जमाया है।