संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हुई गोष्ठी में राज्य सभा सांसद ने कहा कि भारत विभाजन विभीषिका में 10 लाख हिंदुओं के साथ नक्सलवाद हुआ। कांग्रेस ने कभी हिंदुओं के पक्ष में बात नहीं की जबकि पाकिस्तान में 428 मंदिर तोड़े गए। डेढ़ करोड़ हिंदू विस्थापित हुए।
भाजपा की ओर से सोमवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आवास विकास कालोनी स्थित लोहिया मूर्ति से मधुर मिलन गेस्ट हाउस तक काली पट्टी बांधकर मौन पदयात्रा निकाली गई। यहां हुई गोष्ठी में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष राज्य सभा सांसद गीता शाक्य ने विभाजन विभीषिका पर कांग्रेस को जमकर घेरा।
कहा कि कांग्रेस को भारत विभाजन की बात पहले से पता थी। देश के आजाद होने एक दिन पहले ही पाकिस्तान अलग कर दिया गया। इसके बाद पाकिस्तान में 428 मंदिर तोड़े गए। उस दौरान डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बंटवारे का विरोध किया तो पं.जवाहर लाल नेहरू ने पाकिस्तान से कई बार वार्ता की, लेकिन हिंदुओं के पक्ष में कोई काम नहीं हुआ। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश व हिंदुओं का सम्मान बढ़ा है। सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता, भूदेव राजपूत, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, ठा.वीरेंद्र सिंह, पियूष त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
फर्रुखाबाद। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कलक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र ने विभीषिका पर प्रकाश डाला। इसके बाद जीजीआईसी छात्राओं ने अधिकारियों के साथ दो मिनट का मौन रखकर विभीषिका में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी। बाद में सभागार के बाहर लगाए गए पोस्टरों के माध्यम से छात्राओं को विभीषिका और आजादी के हालातों की जानकारी दी गई।
फोटो- 36,
पूर्व सैनिकों ने अमर शहीदों को याद किया
फर्रुखाबाद। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर पूर्व सैनिक सेवा संघ व परिषद के पदाधिकारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मोमबत्ती जलाकर दो मिनट का मौन रखा गया।
सोमवार शाम सोल्जर बोर्ड फतेहगढ़ शहीद स्मारक पर कार्यक्रम हुआ। अमर शहीदों को पुष्पांजलि देने के बाद मोमबत्ती जलाकर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान संगठन के संरक्षक ठा. वीरेंद्र सिंह राठौर, आरपी अग्निहोत्री, रामकरन सिंह चौहान, बीएस वर्मा, सीपी सिंह परिहार, राकेश सिंह राठौर, मुनेश्वर सिंह चौहान, श्याम सिह चौहान, वीरपाल सिंह, रामप्रकाश चौहान, एनपी यादव, चोब सिंह, अहिबरन सिंह, अभय कुमार, एचएस गिरि, जुगेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह यादव, श्याम प्रताप सिंह, राजेश सिंह, उदयराज सिंह, रामनरेश दीक्षित, रामचंद्र पाल आदि मौजूद रहे।