फोटो-25 सधवाड़ा की संकरी गली में खड़ी इमारतें। संवाद
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फर्रुखाबाद। शहर के कई मोहल्लों में संकरी गलियों के भीतर बनी बड़ी इमारतों में करोड़ों रुपये का कारोबार हो रहा है। इन आवासीय भवनों में कीमती सामान और केमिकल का भंडारण है, लेकिन आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं हैं। इसके साथ ही मुख्य बाजारों में सड़क पर अतिक्रमण से भी आपातकालीन स्थिति में बचाव कार्य मुश्किल हो गया है।
शहर के कई मोहल्लों में चार-चार मंजिला भवन हैं। ये भवन कहने को आवासीय हैं, पर इनमें अरबों रुपये का माल हर वक्त भंडारित रहता है। सधवाड़ा में कपड़े का बड़ा कारोबार होता है। यहां बेसमेंट में कपड़ा भंडारित होता है और ऊपरी मंजिलों पर छपाई, सिलाई व पैकिंग जैसे काम होते हैं। गलियां इतनी तंग हैं कि दमकल विभाग के छोटे वाहन भी इनमें नहीं घुस सकते। मुख्य गली 12-14 फीट चौड़ी है, जबकि अन्य गलियों में सिर्फ बाइक ही जा सकती है। सेठ गली में सराफ, कपड़ा और कॉस्मेटिक का बड़ा काम है। यहां मुख्य गली छह-सात फीट चौड़ी है, जिससे तीन फीट चौड़ी गली में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा भी है। इन क्षेत्रों में आग लगने पर बचाव कार्य करना लगभग असंभव होगा।
रोड 25 फीट का, आधे पर दुकानदार काबिज
फर्रुखाबाद। शहर में लिंजीगंज, मनीगंज और ग्रांटगंज शहर के मुख्य किराना बाजार हैं। यहां 25 फीट चौड़ी सड़क पर दुकानदारों ने दोनों तरफ छह-छह फीट तक सामान रखा है। इस अतिक्रमण से हर रोज कई बार जाम लगता है। बड़े वाहनों की आवाजाही बाधित होती है, जिससे दिन के समय आपदा में बचाव कार्य नामुमकिन होगा। (संवाद)
वर्जन
लगातार चेकिंग की जा रही है। जहां भी गड़बड़ी मिल रही है, वहां नोटिस दिए जा रहे हैं। विभाग इन जोखिम भरे क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, संकरी गलियां और अतिक्रमण बड़ी चुनौती बने हुए हैं। -प्रांशु अवस्थी, अग्निशमन अधिकारी
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