कायमगंज। नगर के मोहल्ला जटवारा स्थित पुराने राजस्व अभिलेखों में दर्ज तालाब की भूमि हेराफेरी कर लाखों में बेच दी गई। कमिश्नर कोर्ट के आदेश पर एसडीएम कोर्ट में सुनवाई के बाद इस भूमि को तालाब में दर्ज करने का आदेश किया गया है।
मोहल्ला जटवारा में एक खाली भूखंड है। इसी मोहल्ले के खुशनवाज खां एडवोकेट ने 22 मई 2013 को कमिश्नर कोर्ट में इसे तालाब की भूमि बताते हुए शिकायत की थी। इसमें कहा गया कि यह 21 डिसमिल भूमि तहसील के पुराने राजस्व अभिलेखों में तालाब में दर्ज है। अभिलेखों में हेराफेरी कराकर इस पर नाम अंकित करा लिए गए हैं। 24 जुलाई 2014 को कमिश्नर कोर्ट से यह मामला एसडीएम कोर्ट कायमगंज में आ गया। इससे पूर्व यह भूमि जरीन नवाज खां ने नगर के तंबाकू व्यापारी प्रहलाद नारायन अग्रवाल को बेच दी थी। एसडीएम कोर्ट में तीनों पक्षकारों को नोटिस देकर तलब किया गया। सुनवाई के बाद उप जिला मजिस्ट्रेट अमित आसेरी ने 16 जनवरी को आदेश किया है कि इस भूमि को राजस्व अभिलेखों में तालाब में दर्ज किया जाए। एसडीएम ने बताया किसी भी जमीन को खरीदने से पहले उसकी वस्तु स्थित अच्छी तरह से जांच कराने के बाद ही खरीदना चाहिए।