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लापता युवक की हत्या, शव रेल पटरी पर फेंका

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फर्रुखाबाद। लापता युवक की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। वह 30 जून से घर से लापता था। युवक के परिजनों ने किसी रंजिश से इनकार किया है। शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजकर पुलिस घटना की छानबीन कर रही है। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगाया है।
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मऊदरवाजा थाना क्षेत्र की हथियापुर रेलवे क्रासिंग से कायमगंज की ओर कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे युवक का शव पड़ा देखा। इसी दौरान चौरसिया मझोला गांव के अंकित ने शव की पहचान गांव निवासी रामलड़ैते के दामाद करण सिंह (40) के रूप में की। करण सिंह जहानगंज थाना क्षेत्र के कोठी गांव का रहने वाला था। ससुर रामलड़ैते ने शव दामाद का ही बताया। मौके पर पहुंची बहन रीना भाई का शव देख बिलखनेे लगी।
बीबीगंज चौकी प्रभारी शिवशंकर प्रसाद तिवारी ने शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा। करण सिंह के बड़े भाई रणवीर शाक्य ने बताया कि भाई 30 जून की सुबह करीब साढ़े 10 बजे घर से खेत पर जाने की बात कहकर निकला था। तभी से वह खोजबीन में लगे थे। परिजनों ने किसी रंजिश से इनकार किया है। युवक के परिजनों ने हत्या कर शव रेलवे लाइन के किनारे फेंके जाने का आरोप लगाया है। उसकी पत्नी सुनिती देवी और बेटा अर्पित तथा हर्षित हैं। मां फूलन देवी हैं। करण सिंह तीन भाइयों में बीच का था। उसके छोटे भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। सूत्र बताते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट से आने से अधिक खून बहने से मौत होने की पुष्टि की गई है। हाथ व पैर में भी चोटों के निशान मिले हैं।
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करण सिंह के ससुर रामलड़ैते ने बताया कि दामाद ने 15 दिन पहले ही एक कार खरीदी थी। वह उन्नत खेती करता था। 30 जून को लापता होने के बाद वह ससुराल भी नहीं आया। समझ नहीं आ रहा घटना को क्यों अंजाम दिया गया।
घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर प्लाट में काफी मात्रा में खून पड़ा मिला है। माना जा रहा है कि हत्यारों ने प्लाट में घटना को अंजाम दिया और फिर ट्रैक पर आत्महत्या दर्शाने की मंशा से शव डाल दिया। क्योंकि स्लीपर और पटरी पर भी खून के निशान हैं। शव पटरी से नीचे पड़ा मिला। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के वक्त ट्रैक मैन निरीक्षण को आता है। उसी ने ट्रेन से कटने से बचाने के लिए शव को नीचे कर दिया।
बीबीगंज चौकी प्रभारी शिवशंकर प्रताप तिवारी ने कहा कि हत्या अभी नहीं कही जा सकती। नीचे खून मिला है, तो ट्रैक और स्लीपर पर भी तो खून लगा था। सवाल उठता है कि यदि ट्रैक पर दुर्घटना मानें तो प्लाट में खून कैसे आ सकता है। सीओ सिटी नितेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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