लिंजीगंज अस्पताल के पास टंकी का पानी चेक करती टीम।
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नगर पालिका शहर के लोगों को दूषित पानी पिला रही है। इस बात का खुलासा टंकियों के पानी की टेस्टिंग में हुआ। चार टंकियों में क्लोरीन ही नहीं डाली जा रही है। इससे लोगों को बीमारियां घेर रही हैं। बीमारियों को रोकने के लिए गुरुवार को संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत नगर के चार टंकियों के पानी का परीक्षण किया गया। इसमें पानी दूषित मिला है। हालांकि रेलवे स्टेशन पर पानी सही मिला।
नगर क्षेत्र में पानी से होने वाली टाइफाइड, पीलिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए सीएमओ आफिस के डॉक्टर आरके सिंह, मलेरिया निरीक्षक डॉक्टर नरजीत कटियार, फील्ड वर्कर सफदर हुसैन की टीम ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम पहुंची। यहां पर टीम ने टंकी का पानी चेक किया। इसके बाद टीम लकूला स्थित पानी की टंकी का परीक्षण किया। आवास विकास और लिंजीगंज की टंकियों के पानी का परीक्षण किया गया। इन पानी की टंकियों में क्लोरीन नहीं पाया गया। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस इलाके के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
टीम ने फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए मिलने वाला पानी चेक किया। यहां पर पानी सही पाया गया। पानी में क्लोरीन न पड़ने से बीमारियां फैल रही हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि पाइप लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे दूषित पानी मिल रहा है। क्लोरीन के पड़ जाने से जो बैक्टीरिया समाप्त हो जाते हैं। डॉक्टर आरके सिंह ने बताया कि यह रिपोर्ट जिलाधिकारी और नगर पालिका के ईओ को भेज दी जाएगी।