फर्रुखाबाद। चार साल पहले धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में दर्ज मुकदमे में वारंट होने पर पुलिस ने पालिका दफ्तर से टैक्स लिपिक को गिरफ्तार कर लिया। सूचना पर पहुंचे पालिका कर्मियों ने थाने में हंगामा किया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मोहम्मदाबाद थाने के गांव ईसापुर निवासी जिला पंचायत सदस्य आदित्य सिंह राठौर ने वर्ष 2019 में मऊदरवाजा थाने में पालिका में टैक्स लिपिक शिवराम सिंह, उनकी पत्नी हेमलता राजपूत, गीता राजपूत, कंचन वर्मा व बविता राजपूत पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। शिवराम का अदालत से वारंट चल रहा था। थाना पुलिस ने शिवराम को शुक्रवार सुबह पालिका दफ्तर से हिरासत में ले लिया। इसकी भनक लगते ही पालिका के वरिष्ठ लिपिक जितेंद्र मिश्र व अमित सक्सेना के नेतृत्व में कई कर्मचारी थाने पहुंच गए। पुलिस ने शिवराम को कार से कोर्ट के लिए ले जाने का प्रयास किया तो कर्मचारियों ने उसे कार से उतार लिया। इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह ने शाम तीन बजे तक स्थगनादेश लाने की मोहलत दे दी। इसी दौरान दूसरे पक्ष के अधिवक्ता भी थाने पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह का स्थगनादेश न होने की बात कही। शिवराम ने कुछ कागजात पुलिस को दिखाए। पुलिस ने इन्हें अमान्य करते हुए लिपिक को अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पालिका कर्मियों का कहना था कि पुलिस को ड्यूटी के दौरान बिना ईओ के संज्ञान में लिए गिरफ्तार नहीं करना चाहिए था।
पालिका कर्मी शिवराम सिंह और जिला पंचायत सदस्य आदित्य कुमार राठौर में कई साल से जसमई तिराहा स्थित जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। करोड़ों रुपये कीमत की जमीन कई साल पहले आदित्य कुमार राठौर और उनके साथियों ने अपना नाम करवा ली थी। जबकि शिवराम सिंह उस जमीन को अपनी पत्नी का होना बता रहे हैं। इस पर शिवराम भी आदित्य और साथियों पर मुकदमा दर्ज करवा चुके हैं।