फर्रुखाबाद। टाउनहाॅल से पांच किमी दूर बने मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर चालू होने से पहले उसमें लगीं लाखों रुपये कीमत की तीन मोटरें चोरी कर ली गईं। छह दिन बीतने के बावजूद अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। एमआरएफ सेंटर की सुरक्षा के लिए पालिका ने गार्ड आदि की व्यवस्था तक नहीं की है।
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिली धनराशि से गंगा के बाढ़ क्षेत्र स्थित आमिलपुर में नगर पालिका ने करीब दो साल पहले एमआरएफ सेंटर बनवाया था। इसमें 18 लाख रुपये से अधिक की मशीनें लगाई गई थीं। नगर पालिका ने इन मशीनों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। यही वजह रही कि करीब छह दिन पहले सेंटर में लगीं लाखों रुपये कीमत की तीन मोटरें चोरी हो गईं। एमआरएफ सेंटर के आसपास डंपिंग स्थल पर नगर पालिका का कूड़ा पहुंचाया जाता है। वहां कूड़ा डालने पहुंचने वाले वाहनों की गिनती लिखने के लिए कर्मचारी आशीष की ड्यूटी है।
उसने इसकी लिखित सूचना मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ब्रजेंद्र सिंह को दी। उन्होंने इसकी लिखित जानकारी अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार को दे दी। इसके बावजूद अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक को मुकदमा दर्ज करा देना चाहिए था। वह हीलाहवाली कर रहे हैं, तो उनके वेतन से नुकसान की भरपाई के लिए कटौती के आदेश दे दिए हैं। मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ने बताया कि एमआरएफ सेंटर की जिम्मेदारी उनके पास नहीं है। वह शहर की सफाई के जिम्मेदार हैं। मुकदमा दर्ज कराने के लिए वह अधिकृत नहीं हैं।