फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिपं की पहली बैठक में मोनिका की सुबोध से नोकझोंक

विज्ञापन
विज्ञापन
जिला पंचायत की पहली ही बैठक में भिड़े मोनिका-सुबोध
विज्ञापन

फर्रुखाबाद। विकास भवन सभागार में हुई जिला पंचायत की पहली बैठक में ही जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव की जिला पंचायत सदस्य डॉ. सुबोध से नोकझोंक हो गई। सुबोध ने बोर्ड की बैठक हुए बिना मार्च में बजट पारित होने पर आपत्ति जताई थी। हालांकि कुछ देर बाद अधिकारियों के समझाने पर मामला शांत हो गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने शपथ ग्रहण के बाद समितियों के गठन के लिए जिला पंचायत बोर्ड की बैठक की। बैठक में एजेंडा और बजट का मुद्दा उठा। अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) नरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि मार्च में बजट पारित हो चुका है। सुबोध ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब बोर्ड की बैठक ही नहीं हुई तो बजट कैसे पारित हो गया।
विज्ञापन

इस पर मोनिका ने कहा कि बोर्ड की बैठक में बिना मेरी अनुमति कोई भी सदस्य नहीं बोलेगा। इस पर सुबोध ने कहा कि वह जिला पंचायत सदस्य हैं। शासनादेश के आधार पर वह बोल सकते हैं। बैठक में अन्य लोगों के मौजूद होने पर उन्होंने कहा कि इस बैठक में छूट है, अगली बैठक में सदस्यों व जनप्रतिनिधियों के अलावा कोई नहीं बैठेगा।
इस पर मोनिका ने कहा कि अध्यक्ष हम हैं, बैठक में कौन आएगा यह भी हमें तय करना है। सीडीओ एम. अरून्मोली ने सुबोध को शांत करते हुए कहा कि आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह उनकी जिम्मेदारी है। सांसद मुकेश राजपूत ने समझाते हुए कहा कि बोर्ड बैठक में संसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए सदस्य अपना प्रस्ताव रख सकते हैं। निर्णय अध्यक्ष को लेना है।
एएमए ने बताया कि बोर्ड में कुल 42 सदस्य हैं। इसमें अध्यक्ष सहित 30 जिला पंचायत सदस्य, चार विधायक, सांसद व सात ब्लाक प्रमुख शामिल होते हैं। जिला पंचायत की छह समितियों का गठन किया जाना है। सभापति सहित सात सदस्यों की प्रत्येक समिति में एक महिला, एक अन्य पिछड़ा वर्ग, एक अनुसूचित जाति व तीन सामान्य श्रेणी के सदस्य शामिल होंगे।
नियोजन एवं विकास समिति व प्रशासनिक समिति की सभापति अध्यक्ष होंगी। शिक्षा समिति, निर्माण कार्य समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति व जल प्रबंधन समिति का सभापति किसी जिला पंचायत सदस्य को बनाया जा सकता है। समिति के लिए जिला पंचायत सदस्यों से आवेदन मांगे गए। इस पर ध्वनि मत से समितियों के गठन की जिम्मेदारी अध्यक्ष को सौंप दी गई।
विकास कार्यों के लिए मांगे गए प्रस्ताव
बैठक में एएमए ने बताया कि प्रशासक जिलाधिकारी ने बजट पारित किया है। 15वें वित्त आयोग के मद में विकास कार्य के लिए 3.5 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। कोई भी विकास कार्य के लिए प्रस्ताव दे सकता है। अभी 21 करोड़ रुपये और मिलने वाले हैं।
इससे 24 करोड़ की कार्ययोजना पर विचार किया जा सकता है। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने तीन दिन में विकास कार्यों के प्रस्ताव देने की बात कही। बताया गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष की पांच हजार रुपये व्यय सीमा निर्धारित है। इस पर सांसद ने व्यय सीमा 50 हजार रुपये कराने के लिए प्रस्ताव भेजने के लिए कहा।
सदस्यों ने 20 करोड़ के कार्यों की मांगी सूची
बैठक के दौरान बताया गया कि 20 करोड़ रुपये के कार्य अभी निर्माणाधीन हैं। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि उन्हें विकास कार्यों की सूची उपलब्ध कराई जाए। ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके क्षेत्र में कौन से विकास कार्य चल रहे हैं और उनकी क्या स्थिति है।
विज्ञापन

जरूरत के अनुसार जांच कराकर कार्रवाई की जा सके। इस पर अध्यक्ष ने सूची उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। पंचायत अध्यक्ष ने सदस्यों से कहा कि पक्षपात छोड़कर अपने क्षेत्र में विकास कार्यों पर ध्यान दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें