फर्रुखाबाद। मेडिकल छात्र के खिलाफ छेड़छाड़ व मारपीट का झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार सिंह ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व छात्रा के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया है। साक्ष्यों के अभाव में छात्र को दोषमुक्त कर दिया गया है।
बाबू सिंह जयसिंह आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज बघार के प्राचार्य डॉ. पवन कुमार ने 25 अक्तूबर 2018 को आवास विकास कॉलोनी निवासी छात्र प्रशांत यादव के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि प्रशांत ने बीएएमएस द्वितीय वर्ष की छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट की। समझाने पर प्राचार्य के साथ भी गाली गलौज और मारपीट की।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी छात्र के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान प्राचार्य व छात्रा ने तहरीर व बयानों का समर्थन नहीं किया। छात्रा ने घटना से होने से ही इनकार कर दिया। बचाव पक्ष के वकील की दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर गुरुवार को सीजेएम ने आरोपी प्रशांत यादव को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया। मिथ्या साक्ष्य देने पर प्राचार्य और छात्रों के खिलाफ प्रकीर्ण वाद कोर्ट में दर्ज किया गया। छात्रा मऊ जिले के मऊनाथ भंजन थाना क्षेत्र की रहने वाली है। कोर्ट ने प्राचार्य व छात्रा को समन जारी करने के आदेश दिए हैं।