नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। चचेरे बाबा-दादी की संपत्ति न मिलने से नाराज नाबालिग पौत्र ने हंसिया से सिर व शरीर पर वार कर हत्या कर दी। इस दौरान बचाने आईं सगी दादी व बहन को भी हंसिया से वार कर घायल कर दिया। इसके बाद रस्सी से हाथ-पैर बांधकर दोनों को डाल दिया। बाबा ने उसे दबोच लिया और कमरे में बंद करने के बाद पुलिस को सौंप दिया।
नवाबगंज थाना व कस्बा के बाइपास रोड पर जगमोहन शर्मा और पास में ही उनके भाई रामरतन शर्मा रहते हैं। जगमोहन के कोई संतान नहीं है। उन्होंने अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी के शमसाबाद के गांव कलार निवासी भाई सुआलाल शर्मा की पुत्री शिल्पी को बचपन में ही गोद लिया था।
बुधवार सुबह जगमोहन बेटी शिल्पी के साथ उसकी दवा लेने मैनपुरी गए थे। लक्ष्मी देवी घर में अकेली थीं। इस दौरान रामरतन के बड़े पुत्र संजीव के 17 वर्षीय पुत्र (कक्षा 11 के छात्र) ने दोपहर लगभग 1:30 बजे हंसिया से अपनी चचेरी दादी लक्ष्मी देवी पर कमरे में घुसकर हमला कर दिया। सिर सहित अन्य स्थानों पर वार कर उनकी हत्या कर दी।
चीख पुकार सुन पहुंचीं सगी दादी मिथलेश कुमारी पर भी उसने हंसिया से हमला कर दिया। सीने व हाथ में हंसिया लगने से वह भी लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। इसके बाद किशोर ने रस्सी से हाथ पैर बांधकर उन्हें वहीं डाल दिया। इस बीच किशोर की 11 वर्षीय बहन मानवी के पहुंचने पर उसने उस पर भी हंसिया से हमला कर दिया। उसकी आंख व होंठ के पास घाव हो गया। बहन को भी रस्सी से बांधकर वहीं डाल दिया। उसने मानवी का गला भी दबाया। तभी बाहर दुकान पर बैठे बाबा रामरतन घर के अंदर पहुंचे तो वहां की हालत देख वह दंग रह गए। उन्होंने पौत्र से हंसिया छीन लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया।
उन्होंने मानवी व मिथलेश की रस्सी खोली। इसके बाद मानवी ने यूपी 112 को सूचना दी। थाना प्रभारी निरीक्षक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। छानबीन के बाद उन्होंने हमलावर को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया। इस बीच जगमोहन व शिल्पी भी वहां पहुंच गए।
क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार सिंह ने घटना के संदर्भ में जगमोहन से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि शिल्पी को गोद लिए जाने से हमलावर उनसे रंजिश मानता है। उसका कहना है यदि वह शिल्पी को गोद न लेती तो उनका मकान व जमीन उसे मिल जाती। मिथलेश कुमारी ने बताया कि हमलावर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है। कुछ दिन पूर्व उसने शिल्पी का मोबाइल भी चोरी कर बेच दिया था। जगमोहन ने दी तहरीर में भी जमीन हड़पने के उद्देश्य से हत्या करने का आरोप लगाया है।
सीओ आलोक कुमार सिंह ने बताया कि संपत्ति के लालच में हत्या की गई है। प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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नहीं जाता था स्कूल
कक्षा 11 का छात्र होने के बावजूद घर वाले हत्यारोपी किशोर को स्कूल नहीं भेजते थे। वह घर में भी चोरी करता था। जब घर से बाहर निकल जाता था तब वह दुकानों में भी चोरी कर लेता था। इससे आए दिन विवाद होता था। इसीलिए उसे घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था।
भाई पर था हत्या का खून सवार : मानवी
किशोर की बहन मानवी का कहना है जब वह हमारी सगी दादी मिथलेश कुमारी पर हंसिया से हमला कर रहा था, तब उसके भाई पर खून सवार था। उसकी भी जान जाते-जाते बची। अगर बाबा अंदर न आते तो शायद वह उसे व दादी को भी मार देता।