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लाखों खर्च, नाम तक नहीं लिख पाए

Mon, 26 Mar 2018 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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exminees giving examination - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए साक्षर भारत मिशन के तहत लाखों रुपये सरकार खर्च कर रही है। लोक शिक्षा केंद्रों पर किस तरह की पढ़ाई होती है, इसकी पोल रविवार को हुई साक्षरता परीक्षा में खुल गई। परीक्षा देने आए साक्षर अपना और जिले का नाम तक नहीं लिख सके। केंद्रों पर मौजूद अन्य लोगों ने साक्षरों की परीक्षा कापी नाम, पता व जिले का नाम लिखा।
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रविवार को जिले के 87 लोक शिक्षा केंद्रों पर  11123 महिलाओं और 15351 पुरुषों की परीक्षा हुई।  परीक्षा देने के लिए एक-एक महिला और पुरुष केंद्र पर पहुंचे। फोटो खिंचवाने के  लिए प्रेरक घरों से महिलाओं कोे बुलाकर लाई। घूंघट की ओट में परीक्षा देने आई महिलाओं में कई अपना नाम नहीं लिख सकी। जैसे तैसे उनका नाम कापी पर लिखवाया गया। महिलाएं अपने नाम के अलावा जिले का नाम भी सही से नहीं लिख पाई।  वर्ष भर केंद्र पर न आने वाली महिलाएं और पुरुषों को केंद्र पर बैठना भारी लग रहा था। आपस में हंसी ठिठोली कर- थोड़ा समय काटा और कापी जमा कर घर को रवाना हो गई। लोक शिक्षा केंद्रों को सरकार ने समाज में साक्षरता की दर को बढ़ाने के लिए खोल रखा है। प्रत्येक ग्राम सभा में दो प्रेरकों को लोक शिक्षा केंद्र पर तैनात किया गया है। सरकार का यह प्रयास प्रेरकों की उदासीनता के चलते नाकाफी साबित हो रहा है।

 
फर्रुखाबाद। जिला समन्वयक साक्षरता अंसार सिद्दकी ने बताया कि जिला जेल के लोक शिक्षा केंद्र पर 36 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। उन्होंने बताया कि राजेपुर ब्लाक के आसमपुर, बलीपट्टी, शेराखार, भुडिया भेड़ा, जिठौली, कंचनपुर, सवासी, सरह, सिकंदरपुर वीरपुर, कमालगंज ब्लाक के जहानगंज, कंझाना, अहिमलापुर, रायपुर, राजेपुर टप्पा मंडल, खुदागंज, भटपुरा, देवरान गढिया, श्रंगीरामपुर और बढ़पुर ब्लाक का याकूतगंज केंद्र निरीक्षण के दौरान लोक शिक्षा केंद्रों को  बंद पाया गया। जिला समन्वयक ने बताया कि ब्लाक समन्वयकों की रिपोर्ट के आधार पर बीईओ की संस्तुति पर बीएसए की ओर से बंद केंद्रों के प्रभारियों को नोटिस जारी करवाया जाएगा।
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