फर्रुखाबाद। बिजली कर्मचारियों के घरों में मीटर लगाने के आदेश के विरोध में कर्मचारियों ने डिवीजन कार्यालय में धरना देकर विरोध जताया। उत्तर प्रदेश नियामक आयोग को संबोधित आठ सूत्री ज्ञापन एक्सईएन शहरी को सौंपा। मांगे पूरी न होने पर केंद्रीय संघर्ष समिति के निर्णयानुसार आम हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली विभाग के कर्मचारियों के घरों में मीटर लगाने का आदेश जारी किया था। इस आदेश की कर्मचारियों ने खिलाफत करनी शुरू कर दी है। बुधवार को उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने डिवीजन कार्यालय भोलेपुर में धरना प्रदर्शन किया।
एक्सईएन शहरी को दिए ज्ञापन में कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के अधिकारियों/कर्मचारियों एवं समस्त पेंशनधारियों को पूर्व में एलएमवी-10 की सुविधा किसी न किसी रूप में मिलती रही है। विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं विरण क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को यह सुविधा विभाग में समय समय पर हुए समझौते एवं आदेशों के फलस्वरूप विभागीय सुविधा के रूप मेें मिली है।
वर्ष 2000 में प्रदेश सरकार/ऊर्जा विभाग एवं कर्मचारी नेताओं के मध्य हुई वार्ता में कर्मचारियों को मिल रही सुविधाओं में किसी प्रकार की कटौती न किए जाने का समझौता हुआ था। अगर सुविधाएं समाप्त कर दी गईं तो कर्मचारियों की कार्य क्षमता प्रभावित होगी। इसका असर विद्युत निगम पर पड़ेगा। इस कारण कर्मचारियोें को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती न की जाए। कर्मचारियों के घरों में मीटर लगाने के आदेश को वापस लिया जाए। अगर कर्मचारियों की मांगों को नहीं माना गया तो कर्मचारी आम हड़ताल पर चले जाएंगे।
इस दौरान कानपुर जोन महामंत्री सुधार कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष आदिल खां, रामशरण वर्मा, शशीकांत सक्सेना, धीरज सक्सेना, सीमा सक्सेना, प्रताप नरायन वर्मा, संजय कुमार वर्मा, अरविंद कटियार, आदि रहे।