फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्टेशन पर बवाल के बाद बुधवार को एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष शहर पहुंचे। इन्होंने पदाधिकारियों के साथ फतेहगढ़ में संगठन के कार्यालय पर बैठक कर हालात में बारे में जानकारी ली।
केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने कहा कि वह इस मामले को तूल देने नहीं, निपटाने आए हैं। यूनियन केंद्र सरकार से लड़ती है। अपने से लड़ाई नहीं होती है। डीआरएम और कमांडेंट से मिल कर आरपीएफ सिपाही को स्टेशन से हटाने की मांग की जाएगी।
सोमवार को फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नगला नैन निवासी परमेश्वरदयाल अपने रिश्तेदार के बेटे आदित्य को फतेहगढ़ स्टेशन पर चेकिंग में पकड़े जाने के बाद छुड़ाने गए थे। फतेहगढ़ स्टेशन पर आरपीएफ सिपाही मनोज कुमार ने पीटकर हवालात में डाल दिया था। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने उत्सर्ग ट्रेन को करीब 32 मिनट तक रोके रखा।
बुधवार को केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने पत्रकारों से कहा कि उनके और आरपीएफ के बीच कोई विवाद नहीं है। वह लोग मामले को तूल देने के लिए नहीं आए हैं। वह आंदोलन केंद्र सरकार के खिलाफ करते हैं। अपने लोगों के खिलाफ आंदोलन नहीं किया जाता है।
मंगलवार को उनकी डीआरएम और आरपीएफ कमांडेंट से वार्ता हो चुकी है। उन लोगों को सब जानकारी है। यहां पर बैठक के बाद दोबारा से अधिकारियों से वार्ता करेंगे। सिपाही मनोज को यहां से हटाए जाने की मांग की जाएगी, जिससे आगे कोई स्थिति न बिगड़ सके।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से कम वेतन वृद्धि के विरोध में 11 व 12 फरवरी को वोटिंग कराई जाएगी। इसके बाद कोई हल न हुआ तो सात मार्च को हड़ताल करेंगे। इस दौरान यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष अनिल द्विवेदी, अजीत भट्ट, राजेश वर्मा, इंद्रभान, एसी श्रीवास्तव, मुदित वर्मा, अनुज गंगवार समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।