खाली पड़े क्लास के ब्लैकबोर्ड।
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मेडिकल कालेज में पढ़ाई कर रहे छात्रों का भविष्य अंधकार मय दिख रहा है। कक्षाओं में शिक्षक नहीं हैं। प्रयोगशालाओं की टेबिलों पर धूल जम गई है। कई दिनों से लैबों को खोला नहीं गया है। प्रबंध तंत्र और प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत के बाद भी नतीजा सिफर है। इससे मेडिकल छात्र दोबारा से आंदोलन करने का मूड बना रहे हैं।
शनिवार को बघार नाला स्थित मेजर एसडी सिंह एमबीबीएस मेडिकल कालेज में छात्रों की कोई सुधि लेने वाला नहीं है। शिक्षा के नाम पर मेडिकल के छात्र-छात्राएं हॉस्टल से कक्षाओं तक चक्कर काट रहे हैं। क्लास में शिक्षकों के न होने से मेडिकल छात्रों का भविष्य अंधकारमय लग रहा है।
बीते दिनों मेडिकल छात्र-छात्राओं ने आंदोलन कर डीएम से हस्तक्षेप करने की मांग की थी। कालेज में समस्याओं के अंबार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट शिव बहादुर सिंह पटेल व सीएमओ डा. राकेश कुमार ने मेडिकल कालेज में जाकर जांच पड़ताल की थी।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मेडिकल कालेज में जगह-जगह कूडे़ के ढेर और गंदगी को देखकर नाराजगी जताई थी। जांच अधिकारियों ने प्रबंधतंत्र से बातचीत कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करने की हिदायत दी थी। प्रबंधतंत्र ने जांच दल के अधिकारियों को कालेज में सब कुछ ठीकठाक कर लेने का भरोसा दिलाया था।
प्रबंधतंत्र ने कालेज में मेेस तो शुरू करवा दिया लेकिन कक्षाओं में शिक्षकों को अभी तक न पहुंचा सके। दबी जुबान में छात्र कहते हैं कि मैनेजमेंट ने सोमवार तक कक्षाओं को सुचारु रूप से संचालित करने का भरोसा दिलाया है।
छात्रों का कहना है कि सोमवार तक कक्षाएं शुरू न हुई तो वह फिर से आंदोलन की राह पर चलने को विवश होंगे। इनका कहना है कि वह लोग कालेज में पढ़ाई करने के लिए आए हैं। कालेज में पढ़ाई न होने पर उनका भविष्य चौपट हो जाएगा।