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कोरोना के खौफ से 10 गुनी कीमत पर बिक रहा मास्क

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कोरोना वायरस से दिल्ली में दो लोगों की मौत और कई महानगरों में मरीज मिलने से प्रदेश में हाईअलर्ट जारी है। कोरोना के खौफ से हर कोई बचाव के लिए मास्क खरीद रहा है।
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मांग बढ़ने से इसकी जमकर कालाबाजारी होने लगी। हालात ये हैं कि ढाई रुपये कीमत का मास्क दस गुने दाम 25 से 30 रुपये में बेचा जा रहा है।
बदलते मौसम के चलते जुकाम, बुखार व खांसी के मरीज बढ़ रहे हैं। वहीं कोरोना वायरस के भी लक्षण बुखार, नाक बंद होना, सांस लेने में तकलीफ हैं।
इसी वायरस के प्रकोप के चलते 22 मार्च तक के लिए स्कूलों को बंद कर दिया गया है। ऐसे में बीमारी से घबराए लोग मेडिकल स्टोरों पर मास्क लेने पहुंच रहे हैं। संपन्न परिवार के लोग अच्छी गुणवत्ता का मास्क मांगते हैं।
अन्य लोग कोई भी मास्क लेने को तैयार रहते हैं। ऐसे में 100 रुपये कीमत वाला एन-95 मास्क 500 से 600 रुपये में बेचा जा रहा है।
20 रुपये कीमत वाला थ्री-लेयर मास्क 100 रुपये, जबकि ढाई रुपये कीमत का सादा मास्क 25 से 30 रुपये में बिक रहा है। वहीं टू-लेयर मास्क 15 रुपये के बजाय 80 रुपये में बेचा जा रहा। मेडिकल स्टोर संचालक स्टाक कम होने की बात कहकर मनमानी कीमत वसूल रहे हैं।
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फतेहगढ़ के कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि मास्क पर एमआरपी लिखकर नहीं आती है। मास्क के थोक व्यापारी सीधे उन लोगों से कहते हैं कि एन-95 मास्क का वह बिल 100 रुपये प्रति के हिसाब से देंगे, जबकि उसकी कीमत 200 रुपये के हिसाब से चुकानी पड़ेगी।
वहीं 15-20 रुपये कीमत वाले टू-लेयर काले मास्क की कीमत थोक व्यापारी 40 से 50 रुपये तक ले रहे हैं। इसी वजह से मास्क की कालाबाजारी शुरू हुई है।
ड्रग इंस्पेक्टर एके चौधरी ने बताया कि मेडिकल स्टोरों पर मास्क महंगी कीमत पर बेचे जाने की उन्हें जानकारी नहीं है और न ही कोई शिकायत मिली है।
एमआरपी से अधिक कीमत पर मास्क खरीदने वाले ग्राहक मेडिकल स्टोर संचालक से बातचीत की वीडियो उपलब्ध कराएं तो कार्रवाई की जाएगी। अभी वह बाहर हैं, वापस आने पर देखेंगे।
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