जिला प्रशासन की ओर से सातनपुर स्थित आलू मंडी को चुनाव प्रक्रिया के लिए अधिग्रहीत करने के बाद मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी गई। मंडी में आलू बेचने के लिए आए किसानों के ट्रैक्टरों से चारों ओर जाम की स्थिति बनी रही।
मंगलवार को सातनपुर स्थित आलू मंडी में किसान अपने ट्रैक्टरों पर आलू लादकर मंडी पहुंचे। वहां मुख्यगेट पर ताला लगा देख गेट पर ताला लगा देख किसानों और आढ़तियों ने इसकी जानकारी जिलाध्यक्ष सतीश वर्मा को दी। मंडी पहुंचे अध्यक्ष ने जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु से फोन पर बातचीत की।
जिलाध्यक्ष ने डीएम से कहा कि एकदम मंडी में तालाबंदी से किसानोें का आलू बर्बाद हो जाएगा। डीएम ने चुनाव का हवाला देते हुए मंडी खुलवाने से स्पष्ट मना कर दिया। पड़ोसी जिला कन्नौज, हरदोई, मैनपुरी, एटा से किसानों की लगभग 1000 ट्राली आलू सड़क पर खड़ा होने से चारों ओर जाम की स्थिति बन गई। इटावा-बरेली हाईवे से लेकर आईटीआई चौराहा की तरफ भी वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। धीरे-धीरे धूप बढ़ने से किसानों और आढ़तियों का गुस्सा उफान पर आ गया।
बाद में डीएम के कहने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष से बातचीत की। उन्होंने सड़क से जाम हटाने की बात कही। मौके पर पहुंचे मंडी सचिव धर्मेंद्र यादव के कहने पर मंडी के गेट पर लगा ताला खोल दिया गया। आलू किसानों के वाहन मंडी में प्रवेश करने के बाद ही जाम खुल सका।
अध्यक्ष ने बताया कि सोमवार शाम करीब 6 बजे एक गाड़ी से मंडी के अधिग्रहण की सूचना प्रसारित की गई। गैर जिलों से आने वाले किसान शाम को ही अपनी ट्रालियां भरकर खड़ी कर लेते हैं, जिससे वह भोर में ही मंडी पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि अब चुनाव प्रक्रिया के चलते मंडी 20 फरवरी तक बंद रहेगी।
किसान अपना आलू 21 फरवरी को मंडी में बेचने के लिए लाएं। इस दौरान राजकुमार वर्मा, सुरेंद्र पाल, राकेश राजपूत, धर्मेंद्र गुप्ता, सुधीर वर्मा, अजय फौजी, भूप सिंह यादव, मुन्नूसिंह और अरविंद राजपूत आदि मौजूद रहे।