फर्रुखाबाद। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महंत को मध्य प्रदेश के दतिया में समाधि दी गई। महंत व चालक की दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनके अनुयाईयों में शोक की लहर है।
शनिवार देर रात को श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के महंत व कामाख्या मंदिर के प्रसिद्ध संत मनोज भारती उर्फ बब्बा गुरू पांचाल घाट आश्रम से कार से गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर जा रहे थे। राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव गांधी के सामने बरेली-इटावा हाईवे पर पिकअप ने कार में टक्कर मार दी। कार में सवार मनोज भारती व चालक मोती उर्फ रिंकू की मौत हो गई। शिष्य कृष्णा भारती गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रविवार को पुलिस ने संत मनोज भारती व चालक मोती के शव का पोस्टमार्टम कराया। इस दौरान उनके अनुयाई संजीव दुबे, गिरराज दुबे, मुनीश मिश्रा, आदित्य मिश्रा, राजेश पाठक, विशाल भारती, हीरा गुरू, सुनीता किन्नर आदि लोग मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद अनुयाई उनके शव को मध्य प्रदेश के दतिया लेकर गए। वहां संत मनोज भारती को समाधि दी।