कमालगंज। जनपद की सीमा पर स्थित थाना क्षेत्र के खुदागंज गांव निवासी वेदराम सक्सेना मजदूरी करता है। वह परिवार के साथ जूनियर स्कूल के सामने तीन झोपड़ियां डालकर रहता है। रविवार शाम करीब 6 बजे वेदराम अपने पुत्रों के साथ खेत पर मजदूरी करने गया था। पत्नी नन्ही देवी किसी काम से बाजार गई थी। घर पर छोटे बच्चे थे। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी झोपड़ी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। तीनों झोपड़ी भी चपेट में आ गई। आग देख बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। धुंआ उठता देख पड़ोसी मौके पर पहुंच गए। आस- पास लगे सबमर्सिबल चलाकर पाइप व हैंडपंप से बाल्टी भरकर पानी डालकर आग पर काबू पाया गया। दुर्गेश ने बताया कि झोपड़ी में रखीं 18 बोरी गेहूं, भूंसा, 7 बोरी सरसों, जेवर, 35 हजार रुपये कपड़े व गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद पीड़ितों ने क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना देकर मुआवजे की मांग की।