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Farrukhabad News: शानदार भवन, प्लेटफार्म नहीं मैदान में खड़ी बसें, भटकते यात्री

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फर्रुखाबाद। परिवहन मंत्री के जाते ही बस अड्डा की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। प्लेटफार्म की बजाय बसें मैदान में चटख धूप में बेतरतीब खड़ी रहीं। बसों को खोजने के लिए यात्री पूछताछ काउंटर और बसों के आसपास चक्कर लगाने को मजबूर हो गए। जिम्मेदार आराम फरमाते दिखे। चालकों की मनमानी से यात्रियों को मुसीबत का सामना करना पड़ा।
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रोडवेज बस अड्डे का करीब सात साल पहले शानदार भवन बनाया गया था। इसमें करीब 22 जिलों की बसें खड़ी करने के लिए पूर्व और पश्चिम की तरफ प्लेटफार्म बनाए गए। हर रोज करीब 300 बसों का 24 घंटे में आना-जाना होता है। औसतन रोजाना सात हजार यात्री आते और जाते हैं। इसके बावजूद यहां जिम्मेदारों की मनमानी के चलते व्यवस्थाएं बदहाल हैं। शनिवार को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के आने के डर से व्यवस्थाएं चुस्त दिखीं। सभी बसें प्लेटफार्म पर खड़ी थीं। यात्री आराम से छांव में पंखों की हवा में बैठकर बसें पकड़कर गंतव्य को जाते रहे मगर दूसरे ही दिन रविवार को अव्यवस्थाएं हावी हो गईं।
हालात ऐसे हो गए कि इटावा, मैनपुरी, बदायूं, दिल्ली, हरदोई, शाहजहांपुर, एटा आदि जिलों को जाने वाली एक भी बस अपने निर्धारित प्लेटफार्म पर नहीं लगाई गई। यह बसें बस अड्डा भवन के सामने खाली मैदान में बेतरतीब मनमाने तरीके से खड़ी रहीं। दूरदराज से आने वाले अनजान यात्री पूछताछ काउंटर और गर्मी में मैदान के चक्कर लगाने पड़े। बड़ी संख्या में यात्री पश्चिमी और पूर्वी गेट पर खड़े होकर अपनी बसों का इंतजार करते दिखे।
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प्लेटफार्मों से बसें चलाने में करेंगे सख्ती : एआरएम
एआरएम राजेश कुमार ने बताया कि सभी बसें प्लेटफार्म से चलाने के निर्देश हैं। यदि खड़ी नहीं की, तो वह सख्ती बरतेंगे। जो चालक निर्धारित स्थान पर बसें खड़ी नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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