लोहिया ब्लड बैंक में बैठी आशा देवी। संवाद
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में खून के जरूरतमंद लोगों से कर्मचारी ही सौदा कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गुरुवार को सामने आया। अस्पताल के एक कर्मचारी ने मरीज के रिश्तेदार से नौ हजार रुपये में एक यूनिट खून दिलाने का सौदा किया। एक युवक जब ब्लड बैंक में खून देने पहुंचा तो ब्लड बैंक कर्मियों की पूछताछ में वह फंस गया। मरीज की पत्नी ने हकीकत बयां की तो सभी चौंक गए। खून देने आया युवक मौके से भाग गया।
राजेपुर क्षेत्र के गांव भरहपुर निवासी सुभाष चंद्र को बुधवार को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने खून चढ़ाने की बात कही। सुभाष की पत्नी आशा देवी गुरुवार सुबह करीब 10 बजे एक युवक को लेकर ब्लड बैंक पहुंचीं।
ब्लड बैंक कर्मियों ने आशा देवी से युवक के बारे में जानकारी चाही, तो वह नहीं बता सकीं। युवक कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी था। संदेह होने पर युवक से पूछताछ की गई, तो उसने इमरजेंसी में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी की ओर इशारा कर बताया कि उन्होंने ब्लड देने के लिए बुलाया है। संदेह होने पर कर्मचारियों ने युवक को पकड़कर वहीं बैठा लिया।
आशा देवी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि उनके परिवार व रिश्तेदारी में ब्लड देने वाला कोई नहीं है। लिहाजा मऊदरवाजा के गांव अर्रा पहाड़पुर निवासी अपने रिश्तेदार के बेटे से खून की व्यवस्था कराने के लिए कहा था। रिश्तेदार के बेटे ने अस्पताल आकर एक कर्मचारी से नौ हजार रुपये में एक यूनिट ब्लड की व्यवस्था कराने का सौदा तय किया था। कर्मचारी के कहने पर ही यह युवक ब्लड देने आया है।
ब्लड बैंक कर्मी जब इमरजेंसी में जानकारी लेने पहुंचे तो आरोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने खून देने आए युवक को भगा दिया। काफी देर ब्लड बैंक कर्मचारी उसे ढूंढते रहे। हालांकि बाद में महिला को ब्लड बैंक कर्मियों ने एक यूनिट खून की व्यवस्था करके दी। करीब एक घंटे चले घटनाक्रम से साफ हो गया कि अस्पताल के कर्मियों की शह पर खून बेचने का धंधा चल रहा है।