फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में 210 बेडों के लिए लगा ऑक्सीजन प्लांट पिछले 20 दिन से खराब पड़ा है। इसकी मरम्मत न होने के कारण भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडर का सहारा लेना पड़ रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही से मरीजों को रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल की इमरजेंसी से लेकर वार्डों और ऑपरेशन थिएटर में हर रोज पांच बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर इस्तेमाल हो रहे हैं। एक सिलिंडर की कीमत करीब 600 रुपये है, जिससे ऑक्सीजन पर भारी रकम खर्च हो रही है। सरकार ने कोरोना काल में इस प्लांट को अस्पताल में स्थापित किया था ताकि यह खर्च बचाया जा सके। पीकू वार्ड के प्रशिक्षित कर्मियों ने प्लांट का संचालन कुशलता से किया था। हालांकि, उनकी संविदा समाप्त होने के बाद यह प्लांट छह माह भी ठीक से नहीं चल सका। पिछले महीने करीब एक लाख रुपये खर्च करके इसकी मरम्मत कराई गई थी। लेकिन मरम्मत के बीस दिन बाद ही यह फिर से खराब हो गया। इसके बाद से जिम्मेदारों ने इसकी मरम्मत कराने की कोई पहल नहीं की है।
जियाट्रिक वार्ड में सीनियर सिटीजन, आर्थो, जनरल वार्ड, इमरजेंसी और ऑपरेशन थिएटर में सिलिंडर से ही काम चलाया जा रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत तब आती है जब आधी रात के बाद स्टाफ कमरों में सो जाता है। ऐसे में वार्डों में मरीज की ऑक्सीजन खत्म होने पर खासी मशक्कत के बाद ही व्यवस्था हो पाती है। जबकि प्लांट चालू होने पर सभी वार्डों के बेडों तक ऑक्सीजन की पाइपलाइन लगी हुई है।
अस्पताल के सीएमएस जगमोहन शर्मा ने बताया कि प्लांट की सर्विस होनी है। कहा कि कंपनी को कई बार ईमेल भेजे जा चुके हैं। अब अस्पताल स्वयं के कोटेशन पर इसकी मरम्मत करवाएगा। यह कदम मरीजों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।