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Farrukhabad News: बंदरों के हमलों में जा रही जान, जिम्मेदार अनजान

Sat, 07 Mar 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-30 कमालगंज नवीन मंडी में बंदरों का झुंड। संवाद
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फर्रुखाबाद। शहर ही नहीं जिले भर में कस्बों, गांवों के लोग बंदरों के आतंक से जूझ रहे हैं। हमलों में औसतन रोजाना 50 से अधिक लोग शिकार हो रहे हैं। पिछले माह शमसाबाद और बुधवार को राजेपुर के युवक की जान चली गई। जिला अस्पताल, सीएचसी के अलावा निजी अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने को मजबूर हैं। बंदर सबसे अधिक महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अपना शिकार बना रहे हैं। जिला अस्पताल में हर माह बंदरों के हमले से घायल मरीज बढ़ रहे हैं। नवंबर-दिसंबर 2025 में 86, जबकि दिसंबर-जनवरी 2026 में 113 और 21 जनवरी से 20 फरवरी तक संख्या 125 तक पहुंची।
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शहर के बस अड्डा, गुरुगांव देवी मंदिर, पांडवेश्वरनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन, कांशीराम कॉलोनी, लोहिया अस्पताल, आवास विकास कॉलोनी, कलक्ट्रेट परिसर समेत सभी सार्वजनिक स्थलों पर बंदरों का जमघट रहता है। मकानों की छतों पर जाना खतरे से खाली नहीं। नगर पालिका ने दो-तीन साल मथुरा की संस्था से चंद स्थानों पर बंदर पकड़वाए। इसके बाद कोई उपाय नहीं किया। इससे जनता परेशान है।
ये लोग हो चुके हैं बंदरों के शिकार
याकूतगंज की 80 वर्षीय सिया देवी मंगलवार शाम छत पर बंदरों के हमले में गिरकर घायल हो गईं। कमालगंज के राहिल (22) पर 1 अगस्त 2024 को 20-25 बंदरों के झुंड ने हमला किया, जिससे वह छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। फरवरी 2024 में अमानाबाद की 13 वर्षीय नंदनी की बंदरों के हमले से गिरकर मौत हो गई थी। अक्टूबर 2022 में शेखपुर की शुभी परवीन (30) भी बंदरों के हमले से भागते समय गिरकर मर गई थीं। शमसाबाद के असगरपुर में 22 जनवरी को मीनू और 28 जनवरी को अनीश कुमार भी बंदरों के शिकार हुए। खुड़ना की 73 वर्षीय वीरवती की 14 फरवरी को छत पर बंदरों के हमले से गिरकर मौत हो गई थी। राजेपुर के गौरव कुशवाहा (30) की बुधवार को खेत जाते समय बंदर द्वारा हिलाई गई डाली गिरने से मृत्यु हो गई।
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बंदर वन्य जीव की श्रेणी में नहीं: डीएफओ
डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि हाईकोर्ट ने बंदरों को पकड़वाने के निर्देश दिए थे। चूंकि बंदर वन्य जीव की श्रेणी में नहीं है। लिहाजा विभाग फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में शासन स्तर से लिखापढ़ी चल रही है। दिल्ली स्तर से जैसे ही बंदर को वन्य जीव में शामिल होने के आदेश हुए, तो विभाग बंदरों को पकड़वाने के पुख्ता प्रबंध करेगा।
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