फर्रुखाबाद। नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब होने से बृहस्पतिवार से लिवर, किडनी, इन्फेक्शन समेत कई जांचें बंद हैं। रोजाना 25-30 मरीज आते हैं। मशीन से होने वाली सभी जांचों के लिए मरीजों को निजी लैबों पर करीब 1800 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
सीएचसी में लगी बायोकेमिस्ट्री मशीन (सिलेक्ट्रा) बृहस्पतिवार सुबह खराब हो गई थी। इसके बाद से अभी तक मशीन को सही कराने की जरूरत नहीं समझी गई। यहां इस मशीन से लिवर, किडनी, इन्फेक्शन समेत सभी जांचों के रोजाना 25 से 30 मरीज आते हैं। तीसरे दिन शनिवार को भी मशीन सही न होने से मरीजों को निजी लैबों पर जांचों के लिए जाना पड़ रहा है।
एक लैब टेक्नीशियन ने बताया कि निजी लैब पर लीवर और किडनी की जांच के सिए 700-700 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बच्चों और बड़ों में इन्फेक्शन की जांच 300 रुपये में होती है। अन्य जांचें भी की जा सकती हैं। इसमें एक मरीज से करीब 1800 रुपये तक खर्च आता है। अभी तक इसे सही कराने की जरूरत नहीं समझी गई। सीएचसी प्रभारी लोकेश शर्मा ने बताया कि तीन दिन पहले मशीन सही कराई थी, मगर सफलता नहीं मिली। अब सोमवार को इंजीनियर मशीन की मरम्मत करेगा।
महिला अस्पताल की लैब में आई तीसरी बायोकेमिस्ट्री मशीन
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल में लिवर, किडनी आदि की जांचों की संख्या तेजी से बढ़ने से मरीजों को हो रही दिक्कतों के चलते एक और नई बायोकेमिस्ट्री मशीन लगा दी गई है। इस मशीन से भी जांचें शुरू कर दी गईं। अभी तक इस लैब में दो बायोकेमिस्ट्री मशीनें लगी थीं। मशीन की संख्या बढ़ने से मरीजों को जांच रिपोर्ट समय से मिलने में सहूलियत होगी। (संवाद)