फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Farrukhabad News: हर घर में जिंदा बम! निकाल न दे दम

Wed, 08 Oct 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
विज्ञापन
फोटो-14, मोहल्ला नरकसा स्थित मकान में बना सेप्टिक टैंक। संवाद - फोटो : दीवानी न्यायालय परिसर का निरीक्षण करते नवागत जिला जज सुनील कुमार चतुर्थ।
विज्ञापन
जितेंद्र दीक्षित
विज्ञापन

फर्रुखाबाद। हाल ही में सातनपुर मंडी के पास कोचिंग सेंटर में मीथेन गैस से हुए विस्फोट की घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। ऐसे में शहर की तंग गलियों में बने घरों में स्थित सेप्टिक टैंक भी बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
ये टैंक किसी जिंदा बम से कम नहीं हैं। फायर सर्विस विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना तकनीकी मानक के बनाए गए सेप्टिक टैंक फट सकते हैं। ऐसे में बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन


प्रभारी फायर सर्विस अधिकारी आशीष वर्मा ने बताया कि शहर के अधिकतर मकानों में सेप्टिक टैंक बहुत छोटे और बंद जगहों में बने हैं। इनमें बनने वाली मीथेन गैस पर्याप्त वेंटिलेशन न होने से दबाव बढ़ा देती है। यह गैस थोड़ी सी चिंगारी या बिजली के संपर्क में आने पर विस्फोट का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे टैंक जो ज्यादा प्रयोग में नहीं आते, उनमें गैस बनने की संभावना अपेक्षाकृत ज्यादा रहती है। कोचिंग सेंटर जैसी घटनाएं अगर समय रहते न रोकी गईं, तो शहर में कई जगह हादसे हो सकते हैं। (संवाद)

बना रहता जान का खतरा
मोहल्ला गंगानगर निवासी संजय दुबे ने बताया कि उनकी गली इतनी संकरी है कि सफाई की गाड़ी अंदर नहीं आ सकती। कई बार खुद ही मजदूर बुलाकर टैंक साफ कराते हैं। ऐसे में मजदूरों की जान का खतरा बना रहता है।

जोखिम उठाना पड़ता है
मोहल्ला नरकसा निवासी मधुरेश दीक्षित ने बताया कि घर में बदबू आने पर पता चला कि गैस जमा हो रही है। डर लगा कि कहीं हादसा न हो जाए। सफाई कर्मचारी बुलवाकर टैंक की सफाई करवाई। स्वयं की सुरक्षा के लिए खुद ही जोखिम उठाना पड़ता है।

फोन कर सफाई के लिए सक्शन मशीन की सुविधा ले सकते
नगरपालिका फर्रुखाबाद में लगभग 72 हजार मकान पंजीकृत हैं। सीवर लाइन न होने के कारण लोगों के घरों में सेप्टिक टैंक बने हुए हैं। नगरपालिका के जिम्मेदारों की माने तो महीने में मुश्किल से दो से तीन मकानों के सेप्टिक टैंकों की सफाई होती है। लोग नगरपालिका के 8299086708 नंबर पर फोन कर सक्शन मशीन की सुविधा ले सकते हैं।
इसके लिए सामान्य शुल्क जमा करना होता है। बताया कि घरेलू टैंक की सफाई के लिए एक हजार और वाणिज्यिक भवन के टैंक की सफाई के लिए दो हजार रुपये प्रति चक्कर की दर से धनराशि ली जाती है। ईओ विनोद कुमार ने बताया कि नगरपालिका के पास टैंक साफ करने के लिए सक्शन मशीन युक्त टैंकर हैं। सकरी गलियों में पाइप डालकर टैंक की सफाई कराई जाती है।
विज्ञापन


बदबू से पहचानें खतरा
- बाथरूम के आसपास सड़े अंडे जैसी गंध आ रही है, तो समझिए गैस बन रही है।

- ड्रेनेज या टॉयलेट में बुलबुले उठना मीथेन गैस के दबाव का संकेत है।

- सेप्टिक टैंक का ढक्कन उभरा हुआ या हल्की दरार दिखे तो समझें कि गैस का प्रेशर बढ़ रहा है।

फायर सर्विस की सलाह
- सेप्टिक टैंक में वेंटिलेशन पाइप अवश्य लगवाएं
-गैस रिसाव का संदेह हो तो तुरंत फायर सर्विस को सूचना दें

- सफाई के दौरान बिजली उपकरण या माचिस का प्रयोग न करें
- टैंक की नियमित जांच कराएं

फोटो-14, मोहल्ला नरकसा स्थित मकान में बना सेप्टिक टैंक। संवाद- फोटो : दीवानी न्यायालय परिसर का निरीक्षण करते नवागत जिला जज सुनील कुमार चतुर्थ।

फोटो-14, मोहल्ला नरकसा स्थित मकान में बना सेप्टिक टैंक। संवाद- फोटो : दीवानी न्यायालय परिसर का निरीक्षण करते नवागत जिला जज सुनील कुमार चतुर्थ।

फोटो-14, मोहल्ला नरकसा स्थित मकान में बना सेप्टिक टैंक। संवाद- फोटो : दीवानी न्यायालय परिसर का निरीक्षण करते नवागत जिला जज सुनील कुमार चतुर्थ।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें