आसमान से बरस रही आग से लोगों का हाल बेहाल हो गया है। सोमवार इस मौसम का
सबसे गर्म दिन रहा। पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। चिलचिलाती
धूप से शहर भट्ठी की तरह तपा। लोग पसीना-पसीना रहे। दोपहर बाद सड़कें सूनी
रहीं। सुबह सूरज चढ़ने के साथ ही चली लू से शरीर के झुलसने का अहसास हुआ।
तीन
दिन से गर्मी लगातार कहर ढा रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री
सेल्सियस था। यह रविवार को 44.4 डिग्री सेल्सियस हो गया। सोमवार को सभी
पुराने रिकार्ड तोड़ते हुए पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया। न्यूनतम
तापमान भी बढ़कर 32.4 डिग्री हो गया। सुबह से ही भीषण गर्मी और लू से लोगों
का हाल बुरा हो गया। दोपहर 12 बजे तक चटक धूप से लोग घरों से निकलने से
परहेज करते रहे। दफ्तर और दुकान जाने वाले लोग मजबूरी में घरों से बाहर
निकले। दोपहर को
मुख्य बाजार त्रिपोलिया चौक, घुमना बाजार, लालसराय, लोहाई
रोड, कोतवाली रोड फतेहगढ़, भोलेपुर और रेलवे रोड की सड़कों पर सन्नाटा
दिखा। गर्मी से बचने के लिए लोग कूलर और पंखों के सामने ही बैठे रहे। रेलवे
स्टेशन और रोडवेज बसअड्डा पर लोग पसीने से लथपथ दिखे। रेलवे स्टेशन
फर्रुखाबाद में प्लेटफार्म संख्या 3 पर लगा वाटर कूलर खराब होने के चलते
यात्री ठंडे
पानी के लिए भटकते रहे। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो सोमवार का
दिन सबसे गर्म रहा। रिक्शे वाले पेड़ की छांव में अंगौछे से हवा करते नजर
आए। दुकानों पर दुकानदार कूलर के सामने बैठे नजर आए। तहसील और नगर पालिका
कार्यालय में कर्मचारी भीषण गर्मी के चलते परेशान रहे। लोग कहते दिखे कि ये
गर्मी कब कम होगी। ये तो जानलेवा होती जा रही है।
उधर, दिन पर दिन बढ़
गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ गया है। डाक्टरों की मानें तो
दिन चढ़ने के बाद जरूरी न हो तो घर से निकलने से बचें। निकलना ही पड़े तो
खूब पानी पीकर निकलें। साथ ही कैप, अंगौछा और दस्तानों से शरीर को पूरी तरह
ढककर ही निकलें। सूरज की सीधी किरणें बीमार कर सकती हैं। आम का पना भी पी
सकते हैं। ये
लू से बचाव में सहायक है। बाजार में खुले खाद्य और पेय
पदार्थों का सेवन नहीं करें। ये आपको बीमार कर सकते हैं। लू लगने की दशा
में इलेक्ट्राल व नीबू पानी का अधिक मात्रा में सेवन करें। हालत में सुधार
नहीं होने पर डाक्टर की सलाह लेना उचित होगा।