फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे (एनएच-730सी) के चौड़ीकरण के बाद भले ही सफर सुगम हुआ हो लेकिन स्ट्रीट लाइटों की अव्यवस्था राहगीरों की परेशानी का कारण बनी है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें दिन में जलती रहती हैं, जबकि रात के समय इन्हीं मार्गों पर अंधेरा पसरा रहता है। इस हाईवे से प्रतिदिन करीब 20 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। बरसात के मौसम में दृश्यता पहले ही कम रहती है, ऐसे में रात के समय बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें हादसों की आशंका बढ़ा रही हैं।
पड़ताल में मोहम्मदाबाद कस्बे में दिन के समय भी स्ट्रीट लाइटें जलती मिलीं। मुरहास क्षेत्र में कई लाइटें तकनीकी खराबी के कारण लगातार टिमटिमाती रहीं। वहीं मसेनी चौराहे से नेकपुर पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। पांचाल घाट की ओर कुछ लाइटों की मरम्मत तो कराई गई है, लेकिन उनका संचालन भी नियमित नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में हाईवे पर कई हिस्सों में घना अंधेरा होने से वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है।
एनएचएआई के साइट इंजीनियर विश्वास मिश्रा ने बताया कि स्ट्रीट लाइटों के संचालन की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी होगी। जहां भी लाइटें बंद हैं, उन्हें जल्द ठीक कराकर नियमित रूप से संचालित कराया जाएगा।