फर्रुखाबाद। जमीन के विवाद में 25 साल पहले हुई ग्रामीण की हत्या और उसके पुत्र पर जानलेवा हमला करने के दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। दो आरोपी दोषमुक्त कर दिए गए, जबकि दो अन्य की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
जिला शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर के गांव सिकंदरपुर निवासी नीरज पाठक के पिता राममहेश पाठक की आठ अगस्त 1998 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके भाई पंकज पर भी जानलेवा हमला हुआ था। मामले में गांव के ही शिवराम, ग्रीश उर्फ पंडित, गोपाल, मनीराम, अशोक, शिवराम के बहनोई रामसेवक और एक किशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे में कहा गया कि घटना से चार साल पहले राममहेश ने गांव के ही विपिन बिहारी कायस्थ का मकान खरीदा था। उस मकान पर गोपाल काफी पहले से अवैध रूप से कब्जा किए था। राममहेश ने उस मकान को खाली करवा दिया था। इससे ये लोग रंजिश मानने लगे थे।
बुधवार को जिला जज विनय कुमार की अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। इसमें शिवराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
गवाह और साक्ष्य के अभाव में न्यायाधीश ने गोपाल व अशोक को दोषमुक्त कर दिया, जबकि सुनवाई के दौरान मनीराम व रामसेवक की मौत हो चुकी है। किशोर की फाइल किशोर न्यायालय भेज दी गई है। वहीं, ग्रीश उर्फ पंडित की फाइल अलग कर दी गई है। जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेश प्रताप सिंह, शासकीय अधिवक्ता पंकज कटियार, संजीव पाल ने मुकदमे की पैरवी की।