फर्रुखाबाद। सात वर्ष पहले पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले दोषी पति को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला सलावत खां निवासी जगदीश उर्फ बाबा ने 15 अक्तूबर 2017 को शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव गांधीनगर सरैया निवासी बेटी के पति मिथुन, जेठ विजय, गुड्डू, पप्पू, गौतम, ननद मंजू, कोतवाली कायमगंज के गांव रूटौल निवासी बबलू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
इसमें आरोप लगाया कि पुत्री पूजा की वर्ष 2012 में मिथुन के साथ शादी की थी। 14 अक्तूबर 2017 को पति सहित सभी लोगोंं ने पूजा की चाकुओंं से गोदकर हत्या कर दी। 15 अक्तूबर 2017 को मंजू लोहिया अस्पताल में पूजा के शव को फेंककर चली गई। विवेचक ने पत्नी पूजा की हत्या में पति मिथुन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अन्य आरोपियों के नाम विवेचना में निकाल दिए थे। मुकदमे की सुनवाई कर रहे एडीजे प्रथम विष्णु चंद्र वैश्य ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर पति मिथुन को दोषी करार किया था।
सोमवार को न्यायाधीश ने दोषी पति मिथुन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। न्यायाधीश ने जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल बाजपेई, दीपिका कटियार ले दलीलें दीं।