मुंहबोली बेटी से मेलजोल बढ़ाने पर सात वर्ष पहले तीन लोगों ने युवक की हत्या कर दी थी। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) महेंद्र सिंह की कोर्ट ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी जमा करने के आदेश दिए।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव कनासी निवासी श्री प्रकाश ने गांव सलेमपुर निवासी हवलदार सिंह, जनपद एटा के थाना नयागांव के गांव अहमदपुर निवासी जगदीश राजपूत और जनपद मैनपुरी के थाना विछवा के गावं एतमादपुर निवासी वीरपाल के खिलाफ 11 जून 2016 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
इसमें आरोप लगाया कि पुत्र विकास उर्फ शिवप्रकाश की इन लोगों ने लाठी डंडों से मारपीट कर बोलेरो से टक्कर मारकर हत्या कर दी। बहू संगीता ने बताया कि हवलदार की मुंहबोली बेटी रोशनी नवाबगंज में किराए के मकान में रहती थी। पास के मकान में वह पति विकास के साथ रह रही थी। रोशनी का घर आना जाना होने लगा। पति विकास की भी रोशनी से बातचीत होती थी। हवलदार को जब इसकी जानकारी हुई तो वह विरोध करने लगा। लेकिन रोशनी बात करती रही। इसी रंजिश में इन लोगों ने पति की हत्या कर दी।
विवेचक ने तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) महेंद्र सिंह की कोर्ट ने सोमवार को गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर हवलदार, जगदीश व वीरपाल को दोषी करार दिया था। मंगलवार को कोर्ट ने दोषी हवलदार, जगदीश, वीरपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों को बीस-बीस हजार रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से दीपिका कटियार व अनिल कुमार ने दलीलें दीं।