फर्रुखाबाद। सामूहिक जमीन पर कब्जे के विवाद में हुई कमलेश उर्फ कल्ले की हत्या के करीब 18 साल पुराने मामले में अदालत ने एक दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या एक अभिनीतम उपाध्याय ने दोषी मटरे उर्फ महेंद्र पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे 5 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह मामला मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव भटकुर्री का है। घटना 1 अक्तूबर 2008 को हुई थी। गांव निवासी हरीसिंह ने पुलिस में तहरीर दी थी। इसमें बताया गया था कि मटरे उर्फ महेंद्र, धर्मेंद्र सिंह और छोटेलाल उर्फ कामेंद्र सिंह सामूहिक जमीन पर नींव भरवाकर कब्जा कर रहे थे। हरीसिंह और उनके भाइयों ने बंटवारे तक काम रोकने को कहा। इसी दौरान तीनों आरोपी जगवीर सिंह चौहान के मकान की छत पर छिप गए और फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में हरीसिंह के भाई कमलेश उर्फ कल्ले को गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
मामले की सुनवाई और फैसला
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान धर्मेंद्र और छोटेलाल की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मटरे उर्फ महेंद्र को 11 सितंबर को हत्या का दोषी करार दिया था। अदालत ने जुर्माने की पूरी राशि मृतक के कानूनी वारिसों को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया है।