फर्रुखाबाद। युवक की गोली मारकर हत्या के मामले मेंं दोषी को गवाह व साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इसी मामले में तीन दोषियों को दस वर्ष पहले सजा सुनाई जा चुकी है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के मोहल्ला जवाहर नगर निवासी सुरेश चंद्र ने एक अक्तूबर 2000 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि पुत्र धर्मेंद्र उर्फ पप्पू व कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी दामाद मनोज कुमार शाम को तालाब किनारे घूमने गए थे। वहां पहले से मौजूद गांव रोहिला निवासी अजय सिंह, लालू उर्फ राजीव, हरवीर, लाखन सिंह यादव, व अंबुज ने दामाद व पुत्र पर फायरिंग कर दी।
गोली लगने से पुत्र धर्मेंद्र की मौत हो गई। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी हरवीर की मौत हो गई। 31 अक्तूबर 2014 को कोर्ट ने हत्या में दोषी अजय सिंह, लालू उर्फ राजीव, अंबुज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
वहीं, लाखन फरार हो गया था। गुरुवार को न्यायाधीश संदीप तिवारी ने लाखन को दोषी करार किया था। शुक्रवार को कोर्ट ने दोषी लाखन को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी को 85 हजार रुपये बतौर अर्थदंड के जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।