95 प्रतिशत अनाड़ियों को रेवड़ी की तरह लाइसेंस बांटे जा रहे हैं। इसके लिए कर्मचारियों के साथ-साथ अफसर भी जिम्मेदार हैं। यह बात अपर आयुक्त गंगाफल ने कही।
शनिवार शाम को अपर आयुक्त ने एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया।
डीबीए पंकज मिश्रा ने सर्वर रूम में एसी खराब होने तथा तकनीकी खराबी की बात कही। इसपर अपर आयुक्त ने पीटीओ कन्हैयालाल गुप्ता से कहा कि लेखा का काम कौन देखता है। पीटीओ समेत कोई भी कर्मचारी इसका जवाब नहीं दे सका। उन्होंने जल्द ही सर्वर रूम का एसी सही कराने की बात कही। एआरटीओ के छुट्टी पर होने के कारण लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन के ठप पड़े काम पर नाराजगी जताई।
उन्होंने लाइसेंस का कार्य देख रहे लिपिक बागीश से लाइसेंस बनवाने के लिए जमा फार्मों का विवरण मांगा। फार्म पर आवेदक के हस्ताक्षर न होने पर नाराजगी जताई। पीटीओ ने बताया कि वह कागज देखकर आवेदनपत्र को सीन कर देते हैं। एआरटीओ के आने पर फार्मों पर काउंटर साइन कराए जाएंगे।
इन्होंने पूछा कि कितने प्रतिशत आवेदक सिर्फ बाइक और कितने प्रतिशत सिर्फ कार का लाइसेंस लेने आते हैं। इस पर लिपिक ने बताया कि 95 प्रतिशत लोग दोनों का लाइसेंस बनवाते हैं। टेस्ट ड्राइव के बारे में जानकारी करने पर बताया कि किसी भी आवेदक का टेस्ट ड्राइव नहीं लिया जाता।
इसपर उन्होंने नाराजगी जताई। कहा कि सड़क पर बढ़ रही दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण ऐसे अनाड़ी ड्राइवर हैं जिन्हें कार्यालय से रेवड़ियों की तरह लाइसेंस बांट दिए जाते हैं। दलालों के हावी होने की बात पर कहा कि खुद साफ रहो तो कोई भी तुम्हारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता।
अपर आयुक्त ने कहा कि एआरटीओ कार्यालय की बदहाल व्यवस्था के लिए उच्च अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कम स्टाफ होने की बात पर आरटीओ से सोमवार को कार्यालय में दो अस्थाई बाबुओं को नियुक्त करने के निर्देश दिए।