होम्योपैथिक चिकित्सालय में पर्चा बनाने को लेकर हुए विवाद में अधिवक्ता ने तोड़फोड़ कर स्टाफ के साथ मारपीट कर दी। इससे मुख्य बाजार में भीड़ जमा हो गई। इस बीच चौकी का सिपाही मौके पर पहुंचा तो उसके साथ भी हाथापाई कर दी।
एसएसआई के पहुंचने से पहले अधिवक्ता मौके से खिसक गया। चिकित्सालय के संचालक ने घटना की तहरीर दी।
शहर कोतवाली के रेलवे रोड पर नरेश कोल्ड स्टोरेज वाली गली के नुक्कड़ पर मां धर्मार्थ होम्योपैथिक चिकित्सालय (निजी) है। इस पर डॉ. एबी सिंह, डॉ. गोपाल, कंपाउंडर गगन पांडेय, सीवेंद्र श्रीवास्तव बैठते हैं।
बुधवार की शाम करीब पांच बजे एक अधिवक्ता दवा लेने के लिए वहां पर पहुंचे। यहां पर मौजूद गगन पांडेय ने पर्चा बनवाने की बात कही। इसी बीच किसी बात को लेकर अधिवक्ता का गगन के साथ अधिवक्ता का पर्चा बनाने को लेकर विवाद हो गया। शोर शराबा होने पर दोनों डॉक्टर मौके पर आ गए। इस दौरान अधिवक्ता उन लोगों से भी भिड़ गया। जिससे वहां पर बैठे मरीज बाहर निकाल आए।
अधिवक्ता ने अपने अन्य लोगों को भी बुला लिया। हमलावरों ने अस्पताल में रखी कुर्सियों और मेजों के साथ ही दवाओं की बोतलों में भी तोड़फोड़ कर दी। इसकी सूचना मिलने पर रेलवे रोड चौकी का सिपाही हरीशचंद्र शर्मा मौके पर पहुंच कर बीच बचाव करने लगा।
इस पर उसके साथ भी हाथापाई हो गई। सिपाही ने इसकी सूचना कोतवाली में दी। एसएसआई नरेंद्र गौतम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच, लेकिन तब तक हमलावर वहां से जा चुके थे। घटना को लेकर चिकित्सीय स्टाफ में काफी आक्रोश था।
लोगों का कहना था कि अधिवक्ता ने कुछ दिन पहले भी एक दुकानदार के साथ मारपीट की थी। सूचना मिलने पर अस्पताल के संचालक अंकुर रस्तोगी ने तहरीर दी। इसमें कहा गया कि अधिवक्ता ने डाक्टर से एक हजार रुपये मांगे। न देने पर शटर को बंद कर स्टाफ के साथ मारपीट की।
धमकी दी कि पैसे न देने पर अस्पताल को बंद करा दिया जाएगा। एसएसआई ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सिपाही ने बताया कि बीचबचाव के दौरान धक्का लगने पर वह गिर गए थे।