सरकारी रास्ते पर मकान बना लेने की शिकायत पर तहसीलदार और सीओ सिटी ने
नगरपालिका के कर्मचारियों के साथ निरीक्षण किया। इन्हाेंने पक्का मकान
गिराने के आदेश दिया। मजदूरों के निर्माण गिराना शुरू करते ही महिलाओं ने
मजदूरों पर धावा बोल दिया। इससे मजदूर पीछे हट गए। पुलिस ने महिलाओं को
धमकाया। इसके बाद काम शुरू किया गया।
शहर कोतवाली के गांव दीनदयाल बाग
निवासी दीपक वर्मा ने एक वर्ष पहले जिला प्रशासन को पत्र देकर न्याय की
गुहार लगाई थी। इनका कहना था कि पड़ोसी उमेश चंद्र वर्मा ने गली पर मकान
बना लिया। इस पर डीएम एनकेएस चौहान ने अवैध निर्माण को गिराने के आदेश दिए।
बुधवार को तहसीलदार सदर संजीव ओझा, सीओ सिटी वाईपी सिंह समेत नगरपालिका के
कर्मचारी और लेबर दीनदयाल बाग जा पहुंचे। अफसरों ने देखा कि गली पर पक्का
मकान बना हुआ है। काफी देर बाद अफसरों के निर्देश पर लेबरों ने मकान को
तोड़ने का काम शुरू कर दिया। उसी समय उमेशचंद्र की महिलाओं ने लेबरों के
ऊपर धावा बोल दिया। वह लोग कर्मचारियों से हाथापाई करने लगीं। कई महिलाएं
हाथाें में पत्थर लेकर हमलावर हो गईं। महिलाओं के आक्रोश को देखकर पुलिस ने
महिला पुलिस को बुला लिया।
पुलिस ने महिलाओं को काम में बाधा डालने पर
कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद महिलाएं पीछे खिसकने लगीं। फिर लेबरों ने
अवैध निर्माण तोड़ दिया। इससे पहले भी दोनों परिवाराें क ी महिलाओं के
बीच कहासुनी हुई। पुलिस ने दोनाें पक्षों की महिलाओं को शांत रहने की
हिदायत दी। इस बीच प्रधान पति रामकृष्ण उर्फ लाखन भी मौके पर मौजूद रहे।
यहां एसडीएम सुनील वर्मा व विनियमित क्षेत्र के जेई एमके मिश्रा मौजूद रहे।