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क्वीरंटीन सेंटर पर ड्यूटी कर रहे दिव्यांग लेखपाल को कोतवाल ने पीटा

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कोतवाली में प्रदर्शन करते लेखपाल। - फोटो : FARRUKHABAD
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क्वारंटीन सेंटर पर तैनात दिव्यांग लेखपाल को कोतवाल ने पीटा
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फर्रुखाबाद। शहर के ठंडी सड़क स्थित क्वारंटीन सेंटर पर ड्यूटी कर रहे एक दिव्यांग लेखपाल को कोतवाल ने जमकर पीट दिया। बाद में कार में डालकर कोतवाली ले गए। कुछ ही देर में लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष मंत्री अजीत समेत समेत 40-50 लेेखपाल कोतवाली पहुंचे। वे नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
एक घंटे बाद पहुंचे एसडीएम सदर, सीओ सिटी के समझाने पर भी नहीं माने। उन्होंने कोतवाल पर मुकदमा लिखने और निलंबित किए जाने की मांग की। खबर लिखने तक समझौता वार्ता चल रही थी। शहर से सटे ढिलावल में तैनात लेखपाल आशुतोष पांडेय नवभारत सभा भवन में क्वारंटीन सेंटर पर ड्यूटी कर रहे हैं। वहां गैर प्रांत से आए 122 श्रमिक रुके हैं।
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दोपहर में कुछ वृद्धों ने चाय और महिलाओं ने बच्चों के लिए दूध मांगा। लेखपाल ने पास की चाय की दुकान खुलवाई। तभी कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय पहुंचे। कार से उतरे एक सिपाही ने दुकानदार को हड़काया, तो लेखपाल ने बच्चों को दूध, चाय के लिए दुकान खुलवाने की बात कही। इस पर सिपाही गालियां देने लगा।
आरोप है कि तभी कोतवाल पहुंचे और लेखपाल को पीटना शुरू कर दिया। उसे पीटते हुए कार में डाल लिया। रास्ते में भी सिपाहियों ने पिटाई की और कोतवाली में जमीन पर बैठा लिया।
खबर लगते ही लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष सैदमीर खां, जिला मंत्री अजीत दुबे, प्रवीन दुबे समेत शहर और आसपास के 40-50 लेखपाल कोतवाली पहुंच गए।
उन्होंने कोतवाल और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कहा कि जब तक कोतवाल पर मुकदमा दर्ज नहीं होता और निलंबन नहीं होता, तब तक वह घर जाने वाले नहीं हैं। सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह के मनाने पर भी नहीं माने। एसडीएम सदर अनिल कुमार, सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड भी पहुंचे।
शाम छह बजे तक कई बार बात की लेकिन लेखपाल कोतवाली से हटने को तैयार नहीं हैं। कहा कि चाहे गोली मारें या लाठी-डंडों से पीटें। वे कोतवाल के निलंबित होने और मुकदमा दर्ज होने तक कोतवाली से नहीं जाएंगे। जिले भर में काम बंद कर देंगे।
तहसीलदार दूर से लेते रहे जायजा
सदर तहसीलदार राजू कुमार भी कोतवाली पहुंच गए। वह दूर रोड पर खड़े होकर उच्चाधिकारियों को पल-पल की सूचना देते रहे।
क्वारंटीन सेंटरों पर खानपान की बढ़ी मुसीबत
क्वारंटीन सेंटरों पर रुके श्रमिकों के खानपान की व्यवस्था लेखपालों के जिम्मे है। घटना के बाद सभी लेखपाल चले आए हैं। लिहाजा श्रमिकों के सामने खानपान की दिक्कतें खड़ी हो गई हैं।
दरोगा भी हुए लेखपालों के गुस्से का शिकार
घुमना चौकी प्रभारी शिवशंकर प्रसाद तिवारी और कादरीगेट चौकी प्रभारी हरिओमप्रकाश त्रिपाठी ने कोतवाल का जैसे ही पक्ष लिया, तो लेखपाल आगबबूला हो गए। बोले, क्या करोगे। लाठियां और गोली भी खाने को हम तैयार हैं। लेखपालों का गुस्सा देख दरोगा भी लेखपालों के साथ जमीन पर बैठ गए।
कोतवाली में एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ ने लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। इसके बाद एएसपी ने कहा कि जिन तीन सिपाहियों की गलती है। उनको लाइन हाजिर किए जाने की कार्रवाई चल रही है। इस आश्वासन पर भी लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन बंद नहीं किया।
वह कोतवाल के निलंबन और उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग पर डटे हुए है। कोतवाल वेद प्रकाश पांडेय ने बताया कि घटना अनजाने में हुई थी। अभी और कुछ हम नहीं बता सकते है।
सम्मान गया, तो अब नौकरी से दूंगा त्याग पत्र: आशुतोष
पीड़ित आशुतोष पांडेय ने कहा कि श्रमिक बच्चों को भूखा रखूं, तो दोषी और व्यवस्था कर रहा था, तो कोतवाल ने पीट डाला। जब हम लेखपालों की इज्जत नहीं, तो नौकरी करके ही क्या करूंगा। कोतवाल पर मुकदमा और निलंबन हो अन्यथा नौकरी से ही त्यागपत्र दे दूंगा।
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‘कोतवाल और सिपाही से अनजाने में गलती हुई है। मास्क लगाने के लिए कहना कोई गलत बात नहीं है। कोतवाली में हंगामा करना ठीक नहीं है। एएसपी को भेजा जा रहा है। जिसकी गलती होगी उस पर कार्रवाई की जाएगी।’ -डा. अनिल मिश्र, एसपी, फर्रुखाबाद
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