फर्रुखाबाद। पैरोकार को हटाने में अदालत ने मोहम्मदाबाद कोतवाल को तलब किया है। आरोपी की जमानत याचिका पर कोतवाली में समय से आख्या नहीं भेजी गई और कोतवाल ने पैरोकार को भी हटा दिया।
विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती कोर्ट में अर्जुन गिहार की ओर से वकील ने जमानत का प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने के संबंध में कोतवाली से आख्या मांगी थी।
कोतवाली से इस संबंध में कोई आख्या कोर्ट में नहीं भेजी गई। सोमवार को शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने बताया कि बिना सूचना के मोहम्मदाबाद कोतवाल ने पैराकार को हटा दिया है।
उसके स्थान पर किसी पैरोकार को कोर्ट में नहीं भेजा गया और न ही किसी पैरोकार को नियुक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के प्रार्थना पत्रों का समय से निस्तारण करने का आदेश दिया है।
ऐसे में कोतवाल मोहम्मदाबाद की ओर से जमानत पर आख्या नहीं भेजी गई। कोर्ट ने 19 अक्तूबर को महोम्मदाबाद कोतवाल को तलब कर इस संबंध में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।