फर्रुखाबाद। शहर कोतवाल रूम सिंह ने पुलिस कप्तान से मोर्चा खोल दिया है। कोतवाली प्रभारी पद से हटाए जाने पर उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिस रेगुलेशन या आईपीसी में ऐसी व्यवस्था नहीं है कि 58 साल के इंस्पेक्टर से चार्ज हटा दिया जाए। रूम सिंह ने कहा कि यह केवल आईपीएस की मोनोपोली है, जिसकी वजह से उन्हें शहर कोतवाल पद से हटाकर क्राइम ब्रांच का प्रभारी बनाया गया है।
शहर कोतवाल ने कहा कि वह पेंशन जाने को तैयार हैं लेकिन क्राइम ब्रांच का चार्ज नहीं लेंगे। उनका कहना है कि जब आईपीएस 58 साल के बाद डीजीपी बन सकता है तो इंस्पेक्टर क्या 58 साल में चार्ज नहीं चला सकता। कोतवाल ने यह बयान बुधवार की देर शाम अमर उजाला से बातचीत करते हुए दिया। कहा कि उनकी आवाज को दबाया न जाए। वह हर स्तर पर अपनी इस आवाज को बुलंद करना चाहते हैं। हुआ यूं कि एसपी राजेशकृष्ण ने प्रशासनिक व्यवस्था के तहत बुधवार को कुछ थानेदारों को इधर से उधर किया।
इस पर शहर कोतवाल रूम सिंह यादव ने इस आदेश के विरोध में अपने बयान देते हुए पेंशन पर चले जाने तक की चेतावनी दे डाली और कहा कि वह किसी भी कीमत पर क्राइम ब्रांच नहीं जाएंगे।
इस संबंध में एसपी राजेशकृष्ण से जब जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि यह तो प्रशासनिक व्यवस्था है। इसके बाद उन्होंने कोतवाल के बयान पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। डीजीपी के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि 58 साल के बाद कोतवाली और थानों का चार्ज न दिया जाए।