फर्रुखाबाद। यूं को कोरोना वायरस से सबसे पहले मरीज और दूसरा एंबुलेंस से सामना होता है। इसके बाद डाक्टर और अन्य स्वास्थ्य महकमे का स्टाफ जूझ रहा है। कुल 46 एंबुलेंस में लगे 203 कर्मचारी कोरोना वायरस से सीधे टक्कर ले रहे हैं। ये कर्मचारी रात-दिन खपाकर जिले के लोगों की सेवा में लगे हैं।
लॉकडाउन में किसी को घर से निकलने की इजाजत नहीं है। ऐसे में किसी भी बीमारी से पीड़ित लोगों को घरों से लेकर अस्पताल तक पहुंचाने का भार एंबुलेंस के कर्मचारियों पर है। यहां 108 नंबर की 22, 102 नंबर की 21 और एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) की तीन एंबुलेंस हैं। इन पर कुल 203 कर्मचारी तैनात हैं। ये कर्मचारी मरीजों को सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल तक पहुंचाते हैं। इनका कोई समय भी निर्धारित नहीं है। स्वास्थ्य विभाग 102, 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस के खतरे के दौरान हम कर्मियों को आत्मरक्षा के लिए सभी जरूरी उपकरण तक नहीं मिले हैं। ऐसे में हर वक्त हम कर्मचारी खतरे से जूझते हैं।
कोरोना को लगाई गईं दो एंबुलेंस: प्रोग्राम मैनेजर
एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर सौरभ ने बताया कि दो एंबुलेंस कोरोना के लिए लगाई गई हैं। इन्हें पूरी बचाव किट उपलब्ध कराई गई हैं। अन्य सभी एंबुलेंस को भी मॉस्क, ग्लब्स और सैनिटाइजर उपलब्ध करवा दिए गए हैं। गाड़ियों को भी सैनिटाइज कराया जा रहा है।