छह साल बाद लौटा अपहृत युवक
मोहम्मदाबाद। गांव से मैनपुरी जाते समय अपहृत हुआ युवक छह साल बाद लौट आया। भतीजे को लेकर कोटेदार कोतवाली पहुंचा। युवक ने दिल्ली में अज्ञात लोगों पर नजरबंद रखने का आरोप लगाया है। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
गांव बैरामनगर निवासी बासुदेव यादव ने वर्ष 2015 में पुत्र प्रांशु के अपहरण की रिपोर्ट दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि उसका पुत्र साइकिल से मैनपुरी बाजार जा रहा था। मदनपुर में एक होटल के पास से अपहरण हो गया। वहां उसकी साइकिल पड़ी मिली थी। पुलिस ने जांच की और रंजिशन कुछ लोगों को फंसाने का मामला मानती रही।
विवेचक ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। शुक्रवार को बासुदेव का कोटेदार भाई मनोज कार से भतीजे प्रांशु को लेकर कोतवाली पहुंचा। वहां प्रांशु ने कस्बा इंचार्ज मोहम्मद सरताज को बताया कि वर्ष 2015 में एक कार सवार चार लोगों ने उसका अपहरण किया था। कुछ दिन इधर उधर घुमाने के बाद वह दिल्ली ले गए।
वहां पशुओं की देखभाल व अन्य काम कराते थे। दो लोग हर समय निगरानी करते थे। वहां से बमुश्किल निकल कर आ पाया। दरोगा ने पूछताछ के बाद युवक को उसके चाचा मनोज के सुपुर्द कर दिया और जांच के दौरान पूछताछ के लिए कोतवाली आने की हिदायत दी है।
दरोगा मोहम्मद सरताज ने बताया कि घटना संदिग्ध होने से मुकदमे में एफआर लग चुकी है। वर्ष 2010 में युवक के घर के दो लोग एक युवक के अपहरण के आरोप में जेल गए थे। उसी रंजिश में फंसाने के लिए घटना बनाई गई थी। इस मामले की जांच की जा रही है।