आईटीआई चौराहा पर दूध के खोखे में खोवा बनाते समय घरेलू गैस सिलेंडर में रिसाव से आग लग गई। सिलेंडर फटने से चपेट में आकर दुकानदार, राहगीर महिला समेत छह लोग घायल हो गए। सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद फायरब्रिगेड मौके पर पहुंची लेकिन तब तक आग लगभग बुझ चुकी थी। अग्निकांड में हजारों रुपये का नुकसान हो गया। झुलसे लोगों को परिजन अलग-अलग प्राइवेट नर्सिंग होमों में ले गए हैं।
शहर के मोहल्ला नितगंजा निवासी अशोक कुमार उर्फ डब्बू आईटीआई चौराहा के पास दूध का खोखा रखे हैं। इनके खोखे के पास ही जुगुलकिशोर उर्फ जुगनू गुप्ता निवासी तलैया मोहल्ला का चाय का खोखा और प्रदीप निवासी तलैया मोहल्ला की परचून की दुकान है। जुगुलकिशोर उर्फ जुगनू गुप्ता का खोखा बंद था। अशोक के मुताबिक दोपहर करीब 1:50 बजे वह गैस भट्ठी पर खोवा बना रहे थे। इस दौरान वह दूध रखी कढ़ाही को जलती भट्ठी पर छोड़कर बर्तन धोने लगे। तभी गैस का रिसाव होने से सिलेंडर में आग लग गई।
कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धूं-धूं करती आग की लपटों को देख अशोक कुमार शोर-शराबा मचाने लगे। आसपास के लोगों ने फायरब्रिगेड को सूचना देकर आग बुझानी शुरू कर दी। आग ने पड़ोसी जुगुलकिशोर के खोखे को भी चपेट में ले लिया। खोखे पास में ही ट्रांसफार्मर लगा था। आग की लपटें ट्रांसफार्मर को छूने लगीं तो बिजली आपूर्ति बंद करवाई गई।
इस दौरान बड़ा सिलेंडर फट गया। सिलेंडर फटने से अशोक कुमार उर्फ डब्बू, विजय कुमार, भगवानदास निवासी आईटीआई, अशोक कुमार निवासी मदारवाड़ी और रिक्शे से आईटीआई की ओर जा रहीं शांति बाथम निवासी खतराना फटे सिलेंडर की चपेट में आकर झुलस गईं। आनन-फानन में झुलसे लोगों को उनके परिजन अलग-अलग नर्सिंग होमों पर ले गए। दोपहर करीब 2:45 बजे पहुंची दमकल ने आकर आग बुझाना शुरू किया लेकिन तब तक आग काफी ठंडी पड़ चुकी थी। दूध विक्रेता अशोक ने बताया कि उसका करीब 40 हजार और जुगुलकिशोर ने बताया कि उसका करीब 30 हजार का नुकसान हुआ है।