जन्माष्टमी को धूमधाम से मनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। डिजाइनर ड्रेस और ज्वैलरी से दुकानें पट गई हैं। जरी, जरदोजी, कुंदनवर्क, डिजाइनर लेस से कान्हा और राधा रानी की ड्रेसें सजी हैं।
वहीं उनके शृंगार में चार चांद लगाने के लिए स्टाइलिश ज्वैलरी और एसेसरीज भी मार्केट में मौजूद है। कान्हा के लिए राजस्थानी पगड़ी और राधा जी के लिए बांधनी का लहंगा भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
25 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। रंग-बिरंगी डिजाइनदार पोशाकों के साथ ही झूला, लड्डू गोपाल, पगड़ी, पंखा, सादा मुकुट, पाजेब, खड़वा, मोरपंखी मुकुट, पगड़ी, टीका, आंख, चरण पादुकाएं, गद्दी, तकिया, गले का हार, सिंहासन, बांसुरी, माला आदि आभूषण बाजार में मौजूद हैं।
रेलवे रोड, त्रिपोलिया चौक, मठिया देवी मंदिर के पास, घुमना बाजार, कोतवाली रोड फतेहगढ़, सेठ गली, चूड़ी वाली गली, लोहाई रोड और फतेहगढ़ आदि बाजारों में दुकानदारों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से संबंधित सभी वस्तुएं सजा रखी हैं। भगवान श्रीकृष्ण का भव्य शृंगार करने के लिए लोग कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ना चाह रहे हैं।
जमकर इन दुकानों पर भक्त पोशाकें, बांसुरी, झूला और मूर्तियों आदि की खरीददारी कर रहे हैं। मठिया देवी के पास दुकान लगाए रामसिंह कहते हैं कि मथुरा, कानपुर और दिल्ली से माल लेकर आए हैं। मेटल के झूले, मोरपंखी मुकुट और पगड़ी की मांग ज्यादा है।