राजेपुर में प्राइवेट बस पर चढ़ते समय बस से कुचलकर विकलांग युवक की
दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने इटावा-बरेली मार्ग
पर जाम लगा दिया। पुलिस की दो घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुल सका। इस बीच
हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने चालक को
गिरफ्तार कर बस को कब्जे में ले लिया है।
थाना क्षेत्र के गांव जैनापुर
निवासी विकलांग संतोष कुमार कठेरिया (25) पुत्र छोटेलाल मंगलवार को काम
करने के लिए फर्रुखाबाद जाने को घर से निकला था। हरपालपुर से फर्रुखाबाद की
ओर जा रही प्राइवेट बस को संतोष ने हाथ देकर रोक लिया। वह बस पर चढ़ने लगा
तभी चालक ने बस चला दी। इससे पैर फिसलने से संतोष सड़क पर गिर गया और बस
के
पिछले पहिए के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद
चालक वाहन लेकर भाग निकला। दुर्घटना की जानकारी होने पर परिवार के साथ ही
गांव के लोग भी आ गए। हादसे से गुस्साए गांव वालों ने इटावा-बरेली मार्ग पर
जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर थाना पुलिस पहुंची। आक्रोशित प्रदर्शनकारी
चालक को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।
इनका कहना था कि मृतक के परिजनों
को मुआवजा दिलाया जाए। ग्रामीणों का आक्रोश देखकर थाना पुलिस ने
आलाधिकारियों को सूचना दी। सीओ सिटी वाईपी सिंह समेत आलाधिकारी मौके पर आ
गए। जाम से वाहनों की कतारें लग गईं। पुलिस ने परिजनों को जल्द मुआवजा
दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर लोगों ने दो घंटे बाद जाम खोल दिया। पुलिस
ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने फर्रुखाबाद
से बस को कब्जे में कर चालक को गिरफ्तार कर लिया। मृतक के फुफेरे भाई
सर्वजीत ने बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सर्वजीत ने बताया कि
संतोष अपने पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मां की मौत बचपन में ही हो गई थी।