फर्रुखाबाद। जाम खुलवाने की जिम्मेदारी संभालने वाले टीएसआई खुद सोमवार को कादरीगेट चौराहे पर जाम में फंस गए। वह कार से उतरकर वाहनों को निकालने की बजाय कार में ही बैठे रहे।
इस दौरान जाम खुलवाने में होमगार्ड परेशान हो गए। लंबी कतारों में वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। शहर के लोग हर रोज जाम से जूझते हैं। इसके पीछे चौराहों-तिराहों पर लगे जिम्मेदारों की लापरवाही मुख्य वजह है। सोमवार को कादरीगेट चौराहे पर दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब जाम लग गया।
वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। दो बजे के करीब टीएसआई सतेंद्र कुमार स्टाफ के साथ पांचाल घाट जाते समय जाम में फंस गए। वह नीचे उतरकर जाम खुलवाने की बजाय कार में ही बैठे रहे। चालक ने हूटर बचाया तो ड्यूटी होमगार्ड के हाथ-पांव फूल गए। वह लाइन में लगे दोपहिया, ई-रिक्शा और कारों को साइड में कराने लगा। काफी प्रयास के बावजूद टीएसआई की कार नहीं निकल सकी। करीब आधा घंटे बाद किसी तरह उनकी कार निकल सकी।
उधर, हालात यह हैं कि नो एंट्री जोन में लगे बैरियर पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। दोपहर करीब तीन बजे घुमना बैरियर पर कारें नो एंट्री जोन में प्रवेश करती रहीं। इसी दौरान स्कूली बसें आने से चौक पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
बूरा वाली गली के पास भी ई-रिक्शा व कारों की अधिकता की वजह से जाम लगा रहा। बेरोकटोक वाहनों के घुसने से जाम से निजात नहीं मिल रही। वहीं, जाम से व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
मैं पांचाल घाट जा रहा था। कुछ देर जाम लगा था। स्टाफ को जाम खुलवाने भेजा था। शहर के बैरियर से कारें निकल जाती हैं यह गलत है। वह इस पर हर हाल में अंकुश लगाएंगे।
-सतेंद्र कुमार, टीएसआई, फर्रुखाबाद।
फोटो- 2 कादरीगेट चौराहे पर जाम में फंसकर कार में बैठे टीएसआई और साथी। संवाद
फोटो- 2 कादरीगेट चौराहे पर जाम में फंसकर कार में बैठे टीएसआई और साथी। संवाद