फर्रुखाबाद। बुढ़ापे से पहले और गरीबी रेखा से ऊपर के लोग भी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। शासन स्तर पर फेमिली आईडी से जब डाटा का मिलान किया गया तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। अपात्र पाए गए 1620 लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है।
वृद्धावस्था पेंशन के लिए 60 वर्ष की आयु के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 46,080 रुपये व शहर में 56,460 रुपये वार्षिक आय निर्धारित है। एक हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से तिमाही 3000 रुपये वृद्धावस्था पेंशन की किस्त खाते में भेजी जाती है। वहीं, फेमिली आईडी बनाने के साथ 70 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड के माध्यम से पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई है। शासन स्तर पर बुजुर्गों की फेमिली आईडी के डाटा का मिलान वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों से किया गया तो कई की उम्र 60 वर्ष से भी कम मिली और उनकी वार्षिक आय भी अधिक निकली। जिला समाज कल्याण अधिकारी शालिनी ने बताया कि 1620 लाभार्थियों की आयु में अंतर पाए जाने पर उन्हें अपात्र घोषित किया गया है। इनकी सितंबर 2025 से पेंशन की किस्त रोक दी गई है। कोई भी पात्र बुजुर्ग पेंशन से वंचित न रह जाए, इसके लिए वह ब्लॉकवार एडीओ को सूची सौंपकर जांच करा रही हैं। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।