संवाद न्यूज एजेंसी
कमालगंज। परियोजना निदेशक ने स्वच्छ भारत मिशन के निलंबित खंड प्रेरकों की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने ब्लाक कार्यालय में दोनों खंड प्रेरकों के बयान दर्ज किए। उसके बाद तीन गांवों में पात्रता सूची में शामिल लाभार्थियों का सत्यापन किया। खंड प्रेरकों पर बीडीओ व एडीओ के फर्जी हस्ताक्षर से सत्यापन सूची मुख्यालय भेजने के मामले में 11 जुलाई को मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।
परियोजना निदेशक कपिल कुमार ने मंगलवार को ब्लाक कार्यालय पहुंचकर निलंबित खंड प्रेरक आशीष कुमार व प्रदीप कुमार के बयान दर्ज किए। बहोरनपुर टप्पा हवेली, छीतापुर कपूरापुर व हुसैनपुर नौखंडा में पात्रता सूची में शामिल लोगों का सत्यापन किया। बताया जाता है कि एक गांव में नन्हीं देवी को पहले शौचालय मिल चुका था। नई सूची में भी नाम शामिल कर दिया गया जबकि एक गांव में एक हजार से ज्यादा लोगों को पहले शौचालय मिल चुके।
नई सूची में भी करीब 100 नाम शामिल हैं। परियोजना निदेशक ने बताया कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, जांच चल रही है। दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। ज्ञातव्य है कि खंड प्रेरकों ने 22 गांव की पात्रता सूची को बीडीओ व एडीओ पंचायत के फर्जी हस्ताक्षर से धनराशि हस्तांतरण के लिए भेज दिया था। मामला खुलने पर कमालगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में प्रेरकों को निलंबित भी कर दिया गया।