संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। झोलाछाप के इलाज से बच्ची की मौत के मामले में मंगलवार को परिजनों ने जिलाधिकारी से कार्रवाई की गुहार लगाई।
शहर के मोहल्ला सलावत खां निवासी सुरजेश सक्सेना मंगलवार को परिजन व मोहल्ले की महिलाओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की कि छह अगस्त को उनकी 14 वर्षीय बेटी वर्षा को बुखार आने पर पड़ोस के ही मेडिकल स्टोर में कई वर्ष से क्लीनिक चला रहे रक्षपाल को दिखाया। उन्होंने पुत्री को भर्ती कर लिया।
शाम को पूछने पर बेटी की हालत ठीक बताई। सात अगस्त को बेटी की तबियत बिगड़ने के बावजूद छुट्टी नहीं की और इलाज करते रहे। जब बेटी की मौत हो गई तो दूसरी जगह ले जाने को कहा। उन लोगों को बाहर निकालकर मेडिकल स्टोर बंद कर भाग गए। उन्हें बाद में पता चला कि बिना डिग्री के ही क्लीनिक चला रहा है।
घटना के बाद डॉक्टर के छोटे भाई भाजपा नेता, नंदी संकल्प सेना के पदाधिकारी ने अन्य लोगों के साथ उन्हें व परिजनों को समझौते के लिए धमकाया। सुरजेश सक्सेना के क्लीनिक को बंद कराने के साथ डॉक्टर व उसके साथियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की मांग की।
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सीएमओ ने मारा छापा तो बंद मिला मेडिकल स्टोर
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झोलाछाप के इलाज से बच्ची की मौत के मामले में मंगलवार को सीएमओ ने छापा मारा। इस दौरान बेस्ट केयर फार्मा मेडिकल स्टोर बंद मिला। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने डिप्टी सीएमओ डॉ.आरसी माथुर व डॉ.दीपक कटारिया के साथ मेडिकल स्टोर पर नोटिस चस्पा कर दिया। इसमें बुधवार तक क्लीनिक/अस्पताल का पंजीकरण प्रमाणपत्र सहित कार्यालय में उपस्थित न होने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
डिप्टी सीएमओ डॉ.दीपक कटारिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर दो अस्पतालों की जांच करने गए थे। सलावत खां में बेस्ट केयर फार्मा संचालक रक्षपाल पहले ही दुकान बंद कर भाग गया। इससे नोटिस चस्पा किया गया है। जबकि कुइयां बूट में बालाजी हाॅस्पिटल का भवन खाली मिला। पता चला कि करीब डेढ़ माह पहले ही संचालक अपने अस्पताल का सामान ले गया। भवन खाली पाया गया है। इससे कार्रवाई नहीं की जा सकी।