फर्रुखाबाद। पूर्व विधायक पर सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे में तत्कालीन इंस्पेक्टर ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान में मौके पर सुसाइड नोट मिलने से इन्कार कर दिया।
जनपद मैनपुरी के शहर कोतवाली के मोहल्ला बालाजीपुरम आश्रम रोड निवासी राहुल तोमर ने पिता सिपाही बृजेंद्र तोमर की हत्या का मुकदमा वर्ष 2014 में दर्ज कराया था। करीब दो वर्ष बाद क्राइम ब्रांच के दरोगा नवाब अहमद ने शहर कोतवाली के मोहल्ला नाला मछरट्टा निवासी सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह के खिलाफ कोर्ट में सिपाही बृजेंद्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमे में चार्जशीट दाखिल की।
विजय सिंह भाजपा के पूर्व मंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में आजीवन कारावास में बांदा जेल में बंद है। मुकदमे की सुनवाई एमपीएमएलए कोर्ट में चल रही है। विजय सिंह के वकील जितेंद्र चौहान ने उनके पक्ष के गवाह के बयान दर्ज करने के संबंध में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
कोर्ट ने तत्कालीन शहर कोतवाल आरपी यादव को तलब किया था। गुरुवार को इंस्पेक्टर ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान में बताया कि प्रार्थना पत्र की जांच उनको दी गई थी। मौके पर जांच करने के दौरान उनको सुसाइड नहीं मिला था।