फर्रुखाबाद। घर से ले जाकर एक टेंपो चालक को दोस्तों ने मरणासन्न हालत में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद लखनऊ में इलाज के दौरान शनिवार रात उसकी मौत हो गई। परिजन ने दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया। कहा कि हरदोई और कादरीगेट पुलिस के चक्कर लगाने पर भी न्याय नहीं मिला। उन्होंने 1.32 लाख रुपये गायब होने की बात कही।
कादरीगेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला आंबेडकरनगर नरकसा निवासी रोहित शाक्य (35) अपना टेंपो चलाते थे। छह जुलाई की सुबह कुछ दोस्त घर से उन्हें बुला ले गए थे। उन्होंने एआरटीओ दफ्तर में टेंपो ट्रांसफर कराया। इसके बाद शाम सात बजे फोन पर दोस्त ने बताया कि रोहित लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं। परिजन जब लोहिया अस्पताल पहुंचे तो रोहित बेहोशी की हालत में मिला। रोहित को कानपुर, इसके बाद लखनऊ इलाज के लिए ले गए। वहां शनिवार सुबह रोहित की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद घर पहुंचा, तो समाज के लोग आक्रोशित हो गए।
पत्नी रागिनी ने बताया कि हरदोई जिले के सवायजपुर के पास एक खाई में बाइक का कुछ हिस्सा मिला। पास में ही बंद बड़े ढाबे पर काफी खून और कपड़े पड़े थे। वहां की पुलिस इसे दुर्घटना मान रही थी। पति के चेहरे के अलावा कहीं चोट नहीं थी। वजनी वस्तु से वार करके हत्या की गई। उनके पास से रुपये भी गायब कर दिए गए।
भीड़ ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। घर से लोग शव उठाकर जाम लगाने के लिए चल दिए। इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, आम आदमी पार्टी और कुछ हिंदूवादी संगठन के सनी गुप्ता पहुंचे। सनी ने आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन की धमकी दी। इसके कुछ देर बाद कादरीगेट थाने के दरोगा कृष्ण कुमार पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने परिजन की बात सुनकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस की मौजूदगी में शव का पांचाल घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। रोहित की बेटी कोयल व बुलबुल हैं। बड़ा भाई अंकुल व परिजन बेहाल हैं। पत्नी पांच माह की गर्भवती है। थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने बताया कि घटनास्थल हरदोई के सवायजपुर का है। वहां के अफसरों से बात हो गई है। वहां तहरीर देने पर कार्रवाई की जाएगी।